कांग्रेस महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, अजित पवार (pic credit; social media) 
मुंबई

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सपकाल का सरकार और चुनाव आयोग पर हमला, अजित पवार के इस्तीफे की मांग

Mumbai News: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने चुनाव आयोग और बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने  सुप्रीम कोर्ट आदेश के बावजूद चुनाव न कराने पर सवाल उठाए।

सोनाली चावरे

Maharashtra News: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को केंद्र सरकार, बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव अब तक घोषित नहीं किए गए हैं।

छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा के पांच जिलों की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सपकाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग ने अब तक कार्यक्रम तय नहीं किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा भी लंबित है। इसके बावजूद कांग्रेस ने संगठन स्तर पर इन चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।

अजित पवार पर हमला, इस्तीफे की मांग

सपकाल ने उत्पाद शुल्क मंत्री अजीत पवार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अजीत पवार के बेटे का शराब के व्यवसाय से प्रत्यक्ष संबंध है और उत्पाद शुल्क विभाग पवार के पास ही है। यह खुला "conflict of interest" है और मंत्री पद का दुरुपयोग हुआ है। सपकाल ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को अजीत पवार का तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए। इसे भी पढ़ें- गणेशोत्सव की खुशी से पहले वेतन का तोहफा, अजित पवार ने किया सभी कर्मचारियों को कल भुगतान का एलान

मराठा आरक्षण और जातिगत जनगणना

मराठा आरक्षण पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट भूमिका है कि मराठा समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस-आघाड़ी सरकार ने ही पहले मराठा समाज को आरक्षण दिया था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जातिगत जनगणना के पक्ष में है। कांग्रेस शासित कर्नाटक और तेलंगाना में ऐसी जनगणना की गई है। साथ ही, कांग्रेस की यह भी भूमिका है कि आरक्षण पर 50% की सीमा हटाई जाए, ताकि समाज के हर वर्ग को न्याय मिल सके। सपकाल ने दोहराया कि कांग्रेस न सिर्फ मराठा समाज बल्कि सभी वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।

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