खारघर में CISF द्वारा आयोजित 10 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन संपन्न
शारीरिक फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई
डीआईजी दीपक अग्रवाल और एसडीजी पद्माकर रणपिसे कार्यक्रम में रहे मौजूद
CISF Fitness And Environment Campaign: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एयरपोर्ट सिक्योरिटी ग्रुप, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, मुंबई ने शनिवार सुबह नवी मुंबई के खारघर में 10 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, पर्यावरण संरक्षण और सतत परिवहन के प्रति जागरूकता फैलाना था।
साइक्लोथॉन का शुभारंभ सुबह करीब 6:30 बजे खारघर स्थित सेंट्रल पार्क (CIDCO) में किया गया। कार्यक्रम में DIG/CASO मुंबई एयरपोर्ट दीपक अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस आयोजन में सीआईएसएफ इकाई के लगभग 300 कर्मियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में वरिष्ठ अधिकारी और संरक्षिका सदस्य भी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
साइक्लोथॉन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के बीच फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली की संस्कृति को प्रोत्साहित करना था। साथ ही, हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में सीआईएसएफ की भूमिका तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सीआईएसएफ दक्षिण सेक्टर के एसडीजी पद्माकर एस. रणपिसे (आईपीएस) ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए सभी प्रतिभागियों के उत्साह और सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
डीआईजी दीपक अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की प्रशंसा की और नवी मुंबई पुलिस, सिडको, नवी मुंबई महानगरपालिका तथा अन्य संबंधित एजेंसियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
साइक्लोथॉन के माध्यम से CISF ने एक बार फिर शारीरिक फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, टीम भावना और समाज के साथ जुड़ाव के महत्व को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया है। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल बल के कर्मियों को नियमित रूप से शारीरिक फिटनेस और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था, बल्कि आम नागरिकों के बीच पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और सतत विकास के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना भी था। इस प्रकार के अभियानों से समाज में सुरक्षा बलों के प्रति सकारात्मक संवाद और जुड़ाव को भी बढ़ावा मिलता है।
-एजेंसी इनपुट से