MVA का मुंबई में जूते मारो आंदोलन (फोटो: @NANA_PATOLE) 
मुंबई

छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर महाराष्ट्र में घमासान, नाना पटोले बोले- देश में शिवद्रोही सरकार

सिंधुदुर्ग जिले में 26 अगस्त को छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के ढह गई थी। इस घटना के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) सत्तारूढ़ महायुति को बख्शने को तैयार नहीं है। MVA की ओर से घटना के विरोध में रविवार को मुंबई में जूते मारो आंदोलन किया गया।

शुभम सोनडवले

मुंबई. सिंधुदुर्ग जिले में 26 अगस्त को छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के ढह गई थी। इस घटना के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माफी मांग चुके हैं लेकिन विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) सत्तारूढ़ महायुति को बख्शने को तैयार नहीं है। MVA की ओर से घटना के विरोध में रविवार को मुंबई में जूते मारो आंदोलन किया गया। इसमें MVA में शामिल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और NCP शरदचंद्र पवार के प्रमुख नेताओं सहित तमाम कार्यकर्ता शामिल हुए। खास बात यह है कि पुलिस विभाग से अनुमति नहीं मिलने के बाद भी MVA के नेताओं ने आंदोलन किया।

सिंधुदुर्ग जिले के मालवण स्थित राजकोट किले में नौसेना दिवस के अवसर पर स्थापित किए गए छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची पूर्णाकृती प्रतिमा 26 अगस्त को ढह गई। इस प्रतिमा का उद्घाटन आठ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस घटना के विरोध में जेल जाना पड़ा तब भी आंदोलन करेंगे, ऐसा रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, NCP शरद चंद्र पवार पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और छत्रपती शाहू महाराज और सहित MVA के तमाम नेता व कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। दक्षिण मुंबई स्थित हुतात्मा चौक से गेट वे ऑफ इंडिया तक निकाले गए मार्च में MVA के नेता व कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। इस दौरान महाराज का अपमान बर्दाश्त नहीं, जय भवानी, जय शिवाजी के नारों के बीच राज्य की महायुति सरकार में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं अजीत पवार के पोस्टर पर चप्पल-जूते से प्रहार भी किए गए।

महाराष्ट्र की आत्मा का अपमान

उद्धव ठाकरे ने कहा, "यह शिव-प्रेमी महाराष्ट्र है। यह महाराष्ट्र धर्म का अपमान है। शिवद्रोही को महाराष्ट्र कभी माफ नहीं करता। नहीं करेगा, यही दिखाने के लिए हम यहां एकत्र हुए हैं। इस जागरूकता को बरकरार रखें। इन महाराष्ट्र द्रोहियों को 'गेट आऊट ऑफ इंडिया' किए बगैर चैन से मत बैठना।"

प्रतिमा की स्थापना में भ्रष्टाचार

शरद पवार ने कहा, "महाराष्ट्र के इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज को अपमानित करने की भूमिका शासकों ने अपनाई। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने चौंकाने वाला बयान दिया कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा हवा के कारण गिर गई। राज्यभर में शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं लोगों को प्रेरित करती हैं। लेकिन मालवण में लगाई गई प्रतिमा भ्रष्टाचार का उदाहरण है। उस प्रतिमा को स्थापित करने में भ्रष्टाचार हुआ है। यह समझ जनमानस में बनी है। यह शिव प्रेमियों का अपमान था। इसलिए हमने सरकार के विरोध का रुख अपनाया।"

देश में शिवद्रोही सरकार

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, "देश में शिवद्रोही सरकार है। महाराज के नाम पर पेशवाई चल रही है। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार किया गया। सरकार ने महाराज का अपमान करने का काम किया है। मालवण में महाराज की प्रतिमा गिरी। यह सिर्फ महाराज की प्रतिमा नहीं थी, बल्कि महाराष्ट्र का धर्म था। शिवाजी महाराज हमारे भगवान हैं। इसलिए जिसने हमारे महाराज को अपमान किया, हम उस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।"

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