मुंबई मंडल के तीन, पुणे के दो और भुसावल के तीन कर्मचारी शामिल हैं।
सोलापुर और नागपुर मंडल से एक-एक कर्मचारी को पुरस्कार मिला।
कर्मचारियों ने तकनीकी खामियों की पहचान कर संभावित हादसे टाले।
दो RPF कर्मियों ने ट्रेन से गिर रहे यात्रियों की जान बचाई।
Railway Ten Employees Honoured: मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने विभिन्न मंडलों के 10 रेल कर्मचारियों को उनकी सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और तत्परता के लिए संरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। इन कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान अपनी सूझबूझ और समय पर कार्रवाई से संभावित रेल दुर्घटनाओं को टालने के साथ यात्रियों की जान बचाने तथा रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
पुरस्कार प्राप्त करने वालों में मुंबई मंडल के तीन, पुणे मंडल के दो तथा भुसावल मंडल के तीन कर्मचारी शामिल हैं। वहीं सोलापुर और नागपुर मंडल से एक-एक कर्मचारी को सम्मानित किया गया।
मध्य रेल के मुंबई मंडल यार्ड प्रबंधक प्रवीण जुलाल महाजन ने 30 सितंबर को CSMT में ट्रेन संख्या 12262 की पेंट्री कार से धुआं निकलते देखा और तत्काल अधिकारियों को सूचित किया। कल्याण के खलासी देवमणि शुक्ला ने 14 अक्टूबर को निरीक्षण के दौरान वैगन के पहिए पर धातु जमा होने की जानकारी दी। वहीं इगतपुरी के फिटर भूषण बी. पाटिल ने 22 अक्टूबर को मालगाड़ी की जांच में एक वैगन का बेयरिंग कप टूटा पाया।
पुणे मंडल: वाल्हा के काटेवाले वेंकटेश एस. भुजबल ने 3 अक्टूबर को मालगाड़ी के वैगन से लटकती पिस्टन रॉड और निकलती चिंगारियां देखकर खतरे का संकेत दिया और ट्रेन रुकवाई। घोरपड़ी के लोको पायलट महेश बोटलाजे ने 7 अक्टूबर को शंटिंग के दौरान पॉइंट संख्या 128 की टूटी टंग रेल देखकर तत्काल अधिकारियों को सूचित किया।
भुसावल मंडल में ट्रेन मैनेजर लोकेश ने 10 अक्टूबर को मालगाड़ी में एचआर कॉइल की ढीली सेफ्टी स्ट्रिप पकड़ी। तकनीशियन मिथुन यादव ने 2 सितंबर को टूटे CTRB कप और निकली ग्रीस सील की पहचान की। वहीं अकोला की RPF सहायक उपनिरीक्षक सोनल इंगले ने 17 अक्टूबर को ट्रेन संख्या 22138 से गिर रही महिला यात्री को बचाकर उसकी जान बचाई।
सोलापुर के TRD तकनीशियन लालू कुमार ने 8 अक्टूबर को असामान्य कंपन महसूस कर टूटे स्टेडी आर्म की पहचान की। नागपुर मंडल के बैतूल में तैनात RPF हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह ने 18 जुलाई को ट्रेन संख्या 15024 से गिर रहे यात्री को सुरक्षित बाहर खींचकर उसकी जान बचाई। पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति प्रमाणपत्र, उत्कृष्ट संरक्षा कार्य का प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार शामिल है।