Central Railway Collects 121 Crore Fine: मध्य रेल ने बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा पर लगाम कसते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से जुलाई तक रिकॉर्ड जुर्माना वसूली की है। 4 माह में 15.46 लाख यात्रियों से ₹121.31 करोड़ का जुर्माना वसूला है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में राजस्व में करीब 40% की वृद्धि है।
अप्रैल से जुलाई 2025 में 14.42 लाख मामले पकड़े गए थे और ₹86.73 करोड़ वसूले गए थे। इस साल मामलों में 7% और राजस्व में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रेलवे के अनुसार प्रतिदिन औसतन 13,000 यात्रियों पर कार्रवाई कर लगभग ₹1 करोड़ की वसूली की जा रही है।
अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान मंडलवार प्रदर्शन के रूप में
मुंबई मंडल: 7.40 लाख मामले, जुर्माना ₹49.50 करोड़
भुसावल मंडल: 3.05 लाख मामले, ₹31.99 करोड़
नागपुर मंडल: 1.86 लाख मामले, ₹13.77 करोड़,
पुणे मंडल- 1.57 लाख मामले, ₹13.62 करोड़,
सोलापुर मंडल: 0.81 लाख मामले, ₹5.00 करोड़, मुख्यालय: 0.77 लाख मामले, ₹7.44 करोड़
जुलाई 2026 में अकेले 2.60 लाख यात्रियों को पकड़कर ₹20.10 करोड़ वसूले गए। पिछले साल जुलाई में यह आंकड़ा ₹16.00 करोड़ था। यानी एक महीने में 25% से अधिक की वृद्धि हुई है।
रेल मंत्रालय ने बिना टिकट यात्रा का न्यूनतम जुर्माना ₹250 से बढ़ाकर ₹500 कर दिया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को वैध टिकट लेकर यात्रा करने के लिए प्रेरित करना है।
मध्य रेल ने इसके बाद नेटवर्क में टिकट जांच तेज कर दी है। स्टेशन जांच, एंबुश चेक, फोर्ट्रेस चेक, इंटेंसिव चेक और मेगा टिकट अभियान चलाए जा रहे हैं। यह अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ मुंबई और पुणे की लोकल ट्रेनों में भी जारी है। रेलवे का कहना है कि बिना टिकट यात्रा से राजस्व का नुकसान होता है और इसी पैसे से यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जाता है।