World Elephant Day: गौरी से शुरू हुआ सफर अब दुनिया तक पहुंचा, वंतारा ने हाथी संरक्षण के लिए शुरू की नई पहल

World Elephant Day पर वंतारा ने हाथी संरक्षण का दायरा बढ़ाया। 260 से ज्यादा हाथियों की देखभाल के साथ जयपुर में आधुनिक उपचार व रिटायरमेंट सेंटर की पहल शुरू की।
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वंतारा में हाथी के साथ अनंत अंबानीSocial Media
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Vantara Elephant Welfare: विश्व हाथी दिवस के मौके पर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वंतारा ने हाथियों के कल्याण, संरक्षण, देखभाल और जागरूकता को लेकर अपनी विभिन्न पहलों को लेकर जानकारी दी है। वंतारा के मुताबिक, उसका उद्देश्य भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर हाथियों के संरक्षण को मजबूत करना, उनकी देखभाल करने वाले लोगों को सहयोग देना और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना है।

वंतारा के अनुसार, उसके परिसर में 260 से अधिक एशियाई हाथियों की देखभाल की जा रही है। संगठन की कहानी गौरी नाम की उस हाथी से शुरू हुई थी, जिसे अनंत अंबानी ने रेस्क्यू किया था। इसके बाद हाथियों के बचाव और उनके जीवनभर कल्याण की दिशा में वंतारा का काम लगातार बढ़ता गया।

अनंत अंबानी ने कहा कि हाथी वंतारा की यात्रा का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उनके मुताबिक, हर हाथी की अपनी एक कहानी होती है और हर रेस्क्यू उनके कल्याण की जिम्मेदारी को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि गौरी के रेस्क्यू से शुरू हुआ सफर अब हाथियों के कल्याण, देखभाल करने वालों के सहयोग, ज्ञान साझा करने और वैश्विक संरक्षण प्रयासों तक पहुंच गया है।

जयपुर के हाथी गांव में बनेगा केयर सेंटर

विश्व हाथी दिवस के अवसर पर राजस्थान के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा ने जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए वंतारा के साथ सहयोग की घोषणा की।

इस पहल के तहत अत्याधुनिक Elephant Treatment & Care Facility विकसित की जाएगी। इसमें आधुनिक अस्पताल, पोषण केंद्र और हाइड्रोथेरेपी सुविधा शामिल होगी। इसके अलावा बुजुर्ग हाथियों के लिए अलग Retirement & Care Centre भी बनाया जाएगा।

राजस्थान वन विभाग और वंतारा के अनुभव को साथ लाकर हाथियों की अलग-अलग जरूरतों को बेहतर तरीके से समझने और उनकी उम्र के हर पड़ाव पर आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

4 राज्यों में चला हाथी कल्याण कार्यक्रम

वंतारा ने बताया कि उसने राज्य वन विभागों के साथ मिलकर असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आठ स्थानों पर बड़े पैमाने पर Elephant Welfare Outreach Programme पूरा किया है।

इस कार्यक्रम के तहत 182 हाथियों के स्वास्थ्य और कल्याण पर काम किया गया, जबकि 242 महावतों को प्रशिक्षण और जानकारी दी गई। इसमें हाथियों की निवारक पशु चिकित्सा देखभाल के साथ स्वास्थ्य, मानवीय तरीके से संभालने, प्राथमिक उपचार और मस्त प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम के तहत पशु चिकित्सा और वेलफेयर किट के साथ पोषण संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई गई।

रेस्क्यू और रैपिड रिस्पॉन्स पर भी फोकस

वंतारा के मुताबिक, जमीन पर मानव-हाथी संघर्ष से निपटने के लिए उसकी टीमें लगातार काम कर रही हैं। इसमें रैपिड-रिस्पॉन्स वेटरिनरी टीमों, थर्मल ड्रोन सर्विलांस और स्थानीय समुदायों के साथ जागरूकता कार्यक्रमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इन प्रयासों का उद्देश्य घायल हाथियों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और हाथियों के बीच लंबे समय तक बेहतर सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है।

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विश्व हाथी दिवस: सिर्फ जंगल की शान ही नहीं, धरती के सबसे बड़े पर्यावरण रक्षक भी हैं हाथी

क्या है वंतारा?

वंतारा एक पशु कल्याण और संरक्षण संगठन है, जो जानवरों के रेस्क्यू, उपचार, कल्याण और जीवनभर देखभाल के क्षेत्र में काम करता है। इसे अनंत अंबानी ने स्थापित किया है और इसे रिलायंस फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त है।

संगठन के मुताबिक, यहां उन्नत पशु चिकित्सा सुविधाओं, वैज्ञानिक विशेषज्ञता, विशेष बुनियादी ढांचे और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की मदद से अलग-अलग प्रजातियों के लिए विशेष देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। वंतारा के पास हाथियों के लिए समर्पित एक बड़ा अस्पताल भी है।

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