Bombay High Court Slams FDA Mantralaya Canteen Hygiene Row: राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाई जा रही सख्त कार्रवाइयों के बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने एफडीए अधिकारियों के दोहरे रवैये और पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है।
नवी मुंबई के एक फाइव स्टार होटल का लाइसेंस रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कानून के समक्ष साधारण नागरिक, निजी प्रतिष्ठान और सरकार के उच्च पदस्थ वीवीआईपी (VVIP) सभी समान हैं।
पूरा मामला तब गरमाया जब एफडीए ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दावा किया था कि 7 घंटे चले निरीक्षण के दौरान राज्य सरकार के प्रशासनिक मुख्यालय 'मंत्रालय' स्थित कैंटीन 98% नियमों का पालन करती हुई और साफ-सुथरी पाई गई है। हालांकि, हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वकीलों की टीम ने जब अधिकारियों की मौजूदगी में कैंटीन की पुनः जांच की, तो मात्र 30 मिनट में एफडीए के दावों की हवा निकल गई।
कीट व बदबू: खाने के क्षेत्र में जगह-जगह मक्खियां मंडरा रही थीं।
बहाव और लीकेज: पानी की निकासी के जाल खुले पड़े थे, फर्श पर गंदा पानी भरा हुआ था और नल लगातार टपक रहे थे।
अस्वास्थ्यकर रेफ्रिजरेटर: फ्रिज का डिफ्रोस्टर अत्यधिक गंदा था और बेसिन के पास गंदगी का अंबार था।
अदालत में प्रस्तुत कैंटीन के रेफ्रिजरेटर की तस्वीरें देखने के बाद पीठ का गुस्सा फूट पड़ा। एफडीए अधिकारियों को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा, "तस्वीरों को देखकर लगता है कि एक जूते का स्टैंड भी इस फ्रिज से ज्यादा साफ होता है। आपने बाहर के होटलों में केवल केले पर काला धब्बा देखकर सीधे लाइसेंस रद्द कर दिया, जबकि मंत्रालय में टूटी पाइपलाइन और जलजमाव के बीच बर्तन धुले जा रहे हैं और आपने उसे 98% क्लीन चिट दे दी।"
कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, "यदि हिम्मत है तो मंत्रालय की कैंटीन का लाइसेंस रद्द करके दिखाएं, अन्यथा याचिकाकर्ताओं के साथ भेदभाव बंद करें। आप सीधे लाइसेंस रद्द करके आधी मुंबई को बंद नहीं कर सकते।"
बॉम्बे हाईकोर्ट की कड़ी नाराजगी के बाद एफडीए अधिकारियों ने अदालत में अपने कदम पीछे खींच लिए। एफडीए ने नवी मुंबई के 5-स्टार होटल के रद्द किए गए लाइसेंस के फैसले को वापस लेने और उसे नियमानुसार 'सुधार नोटिस' (Improvement Notice) जारी करने पर सहमति जताई।
साथ ही, हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद अब मंत्रालय स्थित कैंटीन को भी नियमों का उल्लंघन करने और गलत रिपोर्ट पेश करने के संबंध में सुधारात्मक नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि वहां स्वच्छता मानकों में आवश्यक सुधार कराया जा सके।