Bombay High Court Firecracker Ban Public Roads: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला लेते हुए पब्लिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। कोर्ट का मानना है कि त्योहार बिना शोर और एयर पॉल्यूशन के मनाए जा सकते हैं।
हाई कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है , जब मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में गणेश उत्सव चल रहा है। आमतौर से गणेश विसर्जन के दौरान सड़कों पर काफी पटाखे फोड़े जाते हैं।
इस बार 12 दिन के गणपति का विसर्जन शुक्रवार को होना है। अब हाई कोर्ट के आदेश से इसका असर विसर्जन पर भी होगा। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और नीला गोखले की बेंच ने यह भी कहा कि धार्मिक जुलूसों के दौरान लाउडस्पीकर, डीजे व लेज़र बीम का इस्तेमाल पूरी तरह से गलत है। हाई कोर्ट ने पूछा है कि क्या इन सभी लाउडस्पीकर और पटाखों का इस्तेमाल करके हमें भगवान से और आशीर्वाद मिलेगा।
एक जिम्मेदार समाज के तौर पर, हमें यह सब खत्म कर देना चाहिए। कोर्ट ने वारी जुलूस (पंढरपुर तक पैदल तीर्थ यात्रा) का उदाहरण देते हुए कहा यह बिना किसी लाउडस्पीकर या शोर के यह त्यौहार बहुत शांति से मनाया जाता है। हाई कोर्ट ने
सोमवार को जुलूस के दौरान होने वाले भारी शोर और एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर खुद ही संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर पटाखे फोड़ना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि इससे जहरीला प्रदूषण भी होता है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने कहा कि मुंबई पुलिस ने 9 सितंबर से 26 सितंबर के बीच बिना इजाजत के पांच से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने का ऑर्डर पास किया है।
पटाखों और लाउडस्पीकर पर भी पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। हालांकि हाई कोर्ट ने पूछा कि क्या ऑर्डर लागू हो रहा है। यह सिर्फ कागजों पर दिख रहा है। नियम तोड़ने और उल्लंघन करने वाले साफ सड़कों पर दिख रहे हैं। जजों ने कहा कि वे अब से पब्लिक सड़कों पर पटाखों के इस्तेमाल पर बैन लगाने का ऑर्डर पास करेंगे।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूछा है कि क्या इन सभी लाउडस्पीकर और पटाखों का इस्तेमाल करके हमें भगवान से और आशीर्वाद मिलेगा।
एक जिम्मेदार समाज के तौर पर, हमें यह सब खत्म कर देना चाहिए, कोर्ट ने वारी जुलूस (पंढरपुर तक पैदल तीर्थ यात्रा) का उदाहरण देते हुए कहा यह बिना किसी लाउडस्पीकर या शोर के यह त्यौहार बहुत शांति से मनाया जाता है।