Mumbai BMC PoP Ganesh Idol Recycling: बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, बीएमसी ने विसर्जित प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) गणेश मूर्तियों के कलेक्शन, सुरक्षित स्टोरेज, साइंटिफिक प्रोसेसिंग और रीसायकल के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोसेस शुरू किया है।
इस बारे में बीएमसी ने सभी विभागों के सहायक आयुक्त को एक मानक परिचालन प्रक्रिया जारी किया है।
कृत्रिम झीलों, अस्थायी विसर्जन झीलों और जलाशयों में विसर्जित मूर्तियों को 24 घंटे के अंदर बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
संसाधित सामग्री को नई मूर्तियों, प्लास्टर बोर्ड, सिरेमिक, मेडिकल प्लास्टर, ईंटों या सीमेंट इंडस्ट्री में फिलर के रूप में दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अगस्त में पीओपी की छह फीट से ऊंची गणेश मूर्तियों के विसर्जन के संबंध में एक अहम फैसला दिया था। ऐसी मूर्तियों को पिछले साल की तरह प्राकृतिक जल निकायों में विसर्जित करने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, पानी के कुदरती सोर्स में विसर्जित की गई इन मूर्तियों को इकट्ठा करके पर्यावरण के अनुकूल तरीके से डिस्पोज किया जाएगा। मुंबई बीएमसी के ठोस अपशिष्ट विभाग ने इन मूर्तियों के डिस्पोजल के लिए एक प्रोसेस बताया है।
हर विभाग को एक अलग अधिकारी, जरूरी मैनपावर, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, क्रेन और ठीक से ढके हुए वाहन देने होंगे। निकाली गई मूर्तियों को मुलुंड में मूर्तियों को उतारने के लिए तय स्टोरेज फैसिलिटी तक सुरक्षित रूप से ले जाया जाएगा।
पूरे प्रोसेस का विभाग के हिसाब से रिकॉर्ड, वजन की रसीदें, साथ ही फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग रखना जरूरी है। संबंधित सहायक आयुक्त, जोनल उपायुक्त की देखरेख में रोजाना के कामों पर नजर रखेंगे।
इस पहल से पानी के सोर्स की रक्षा होगी और विसर्जित पीओपी मूर्तियों के कलेक्शन से लेकर साइंटिफिक रीसाइक्लिंग और उपयोगी रीयूज तक पर्यावरण के अनुकूल साइक्लिकल सिस्टम बनेगा।