Mumbai BMC Birth Certificate: मुंबई सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत एक चौंकाने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है। पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया को बीएमसी से मिले आरटीआई जवाब के अनुसार, गोवंडी के एम-ईस्ट वार्ड कार्यालय में 3,132 जन्म प्रमाण पत्रों में बिना किसी सहायक दस्तावेज या आवेदन के ही सुधार कर दिए गए।
इस खुलासे ने नागरिक निकाय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 और 2026 के बीच बीएमसी के एसएपी सिस्टम में कुल 86,020 जन्म रिकॉर्ड
संशोधित किए गए। इनमें से 19,753 जन्म प्रमाण पत्र बिना किसी सहायक दस्तावेज या आवेदन के जारी किए गए थे। बीएमसी के जन स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि ये सुधार आईटी विभाग से प्राप्त संशोधित सूची के आधार पर किए गए थे।
सत्यापन के दौरान अधिकारियों ने पाया कि 6,109 रिकॉर्ड्स में दोहराव (डुप्लिकेशन) था। यानी एक ही रिकॉर्ड में एक से अधिक बार सुधार किया गया। बिना दस्तावेजों के जारी 19,753 प्रमाण पत्रों में से सबसे अधिक 14,194 प्रमाण पत्र अकेले एम-ईस्ट वार्ड से जारी किए गए, जबकि शेष एल, ई और एम-वेस्ट वार्डों से जारी हुए थे।
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इन निष्कर्षों के आधार पर किरीट सोमैया ने मुंबई बीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन सुधारों को अवैध बताया है। उन्होंने मांग की है कि बीएमसी सभी 86,020 संशोधित प्रमाण पत्रों को वापस ले और दोषियों की पहचान के लिए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराए।
हालांकि, बीएमसी ने अपने आरटीआई जवाब में इन सुधारों को सीधे तौर पर 'अवैध' नहीं करार दिया है। प्रशासन ने केवल संशोधित आंकड़ों, डुप्लीकेट प्रविष्टियों और दस्तावेजों की अनुपलब्धता की तथ्यात्मक रिपोर्ट साझा की है, जिसने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है।