मुंबई वायु प्रदूषण, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

Mumbai Air Pollution: निर्माण में धूल उड़ाने वाले बिल्डरों पर BMC सख्त, डेवलपमेंट परमिशन तक हो सकती है रद्द

Mumbai BMC Air Pollution: मुंबई में वायु प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर बीएमसी सख्त हो गई है। वर्क स्टॉप नोटिस के बाद भी काम जारी रखने पर 100% जुर्माना व परमिशन रद्द होगी।

रूपम सिंह

Mumbai Air Pollution Construction Dust: मुंबई शहर में निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान धूल तथा अन्य कारणों से होने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बीएमसी ने बिल्डरों और डेवलपर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। एयर क्वालिटी से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रोजेक्ट्स पर अब कार्रवाई और कड़ी हो सकती है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित डेवलपर की डेवलपमेंट परमिशन तक रद्द की जा सकती है।

इतना ही नहीं, बीएमसी की ओर से वर्क स्टॉप नोटिस जारी किए जाने के बावजूद यदि निर्माण कार्य जारी रखा गया, तो डेवलपर पर प्रीमियम रेट के बराबर यानी 100 फीसदी जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में बीएमसी के डेवलपमेंट प्लान (डीपी) विभाग ने सर्कुलर जारी कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

ऑटो-डीसीआर पर अपलोड होंगे नोटिस

डीपी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी है। वर्तमान में कई मामलों में कारण बताओ नोटिस और वर्क स्टॉप नोटिस की प्रतियां हार्ड कॉपी के माध्यम से भेजी जाती हैं। इससे नोटिस जारी करने और उसकी जानकारी दूसरे विभागों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगता है। नई व्यवस्था के तहत नोटिस को ऑटो-डीसीआर सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा।

इससे मुंबई बीएमसी के किसी भी वॉर्ड में तैनात अधिकारी ऑनलाइन यह पता लगा सकेंगे कि किसी निर्माण परियोजना को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है या नहीं। यदि बिल्डर निर्धारित अवधि में अपना जवाब या जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो उसके खिलाफ अगले चरण में वर्क स्टॉप नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।

आईओडी में शामिल होंगी प्रदूषण नियंत्रण की शर्तें

मुंबई बीएमसी के नए निर्देशों के अनुसार, निर्माण परियोजनाओं के आईओडी और संशोधित प्लान में वायु प्रदूषण कंट्रोल से संबंधित शर्तों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही बिल्डर और आर्किटेक्ट को लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि निर्माण स्थल पर वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित सभी उपायों को लागू किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो बीएमसी संबंधित प्रोजेक्ट के खिलाफ वर्क स्टॉप नोटिस जारी कर सकेगी।

नोटिस मिलने के बाद भी यदि डेवलपर ने निर्माण गतिविधियां बंद नहीं की, तो उसके खिलाफ लाइसेंस सस्पेंड करने से लेकर डेवलपमेंट परमिशन रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। यह कार्रवाई डीसीपीआर-2034 के रेगुलेशन 12 के तहत की जाएगी। वहीं, वर्क स्टॉप नोटिस के बावजूद किए गए निर्माण पर प्रीमियम रेट का 100 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा संबंधित डेवलपर को किसी भी तरह की रियायत का लाभ नहीं दिया जाएगा।

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