एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

शिंदे की बगावत से दिल्ली में मची हलचल, 10 दिन बाद भी मुंबई को नहीं मिला मेयर, BMC में बड़े तूफान के संकेत!

Maharashtra Politics: बीएमसी मेयर पद पर महायुति में दरार! कैबिनेट बैठक से नदारद रहे एकनाथ शिंदे। ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर अड़े शिंदे, बीजेपी का समझौता करने से इनकार।

प्रिया जैस

Maharashtra Cabinet Meeting: बीएमसी के मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन पद को लेकर महायुति में चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे एक बार फिर कैबिनेट की अहम बैठक से गायब रहे। मिली जानकारी के मुताबिक शिंदे सातारा स्थित अपने गांव दरें के लिए निकल गए हैं। महानगरपालिका चुनाव के रिजल्ट की घोषणा के बाद से ही शिंदे और बीजेपी के बीच खटास की खबरें आ रही हैं।

खास तौर से मुंबई में बीएमसी के मेयर पद को लेकर दोनों दलों के बीच काफी संघर्ष चल रहा है। ऐसी रिपोर्ट है कि शिंदे ने पहले ढाई साल के लिए मेयर पद पर अपना दावा ठोका है जबकि बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है। बीएमसी चुनाव में बीजेपी के 89 और शिंदे सेना के 29 नगरसेवक चुन कर आए हैं।

इसलिए बिना शिंदे सेना के सहयोग के बीजेपी बहुमत के लिए आवश्यक 114 नगरसेवकों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सकती है। इस वजह से शिंदे सेना मेयर पद हथियाने के लिए प्रेशर टैक्टिस का इस्तेमाल कर रही है जबकि बीजेपी के पास अपना मेयर बनाने का यह पहला मौका है। यही वजह है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस मेयर पद के लिए शिंदे के साथ कोई भी समझौता। करने के लिए तैयार नहीं हैं।

शिंदे के रुख से भी दिल्ली में भी हलचल

शिंदे गुट मेयर, स्टैंडिंग कमेटी और दूसरी जरूरी कमेटियों के पदों पर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की बात कह रहा है। शिंदे की 'होटल पॉलिटिक्स' की वजह से भी दिल्ली में बीजेपी लीडरशिप भी परेशान है। चर्चा है कि दिल्ली से चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस को मुंबई में मेयर पद पर कोई समझौता न करने का साफ मैसेज दिया गया है। इस आदेश से गठबंधन में तनाव बढ़ गया है और नतीजों के दस दिन बाद भी मुंबई को मेयर नहीं मिल पाया है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कि शिंदे का कैबिनेट मीटिंग से नदारद रहना उनकी नाराजगी को दिखाता है। कुछ नेताओं के मुताबिक, यह दबाव बढ़ाने की राजनीतिक चाल है और अगर अगले दो-तीन दिनों में कोई हल नहीं निकला तो गठबंधन में अंदरूनी लड़ाई और खुलकर सामने आने की संभावना है।

शिंदे के नगरसेवकों ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन

पहले ऐसी खबर थी कि मंगलवार को बीएमसी के लिए चुने गए सभी 29 नगरसेवक रजिस्ट्रेशन के लिए कोकण भवन जाएंगे लेकिन अचानक यह फैसला टाल दिया गया। इन नगरसेवकों का कहना है कि डीसीएम शिंदे मुंबई में नहीं है, इसलिए वे कोकण भवन नहीं गए। लेकिन चर्चा है कि एक खास कॉल की वजह से यह फैसला होल्ड पर रख दिया गया है। इस फैसले के पीछे बड़े तूफान का अंदेशा जताया जा रहा है।

नाईक के रवैये से शिंदे गुट नाराज

नवी मुंबई में बीजेपी के कैबिनेट मंत्री गणेश नाईक लगातार डीसीएम सीएम शिंदे पर निशाना साध रहे हैं। उनके इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेताओं से नाईक पर नकेल कसने की मांग की है।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी