BMC Hightech Drain Cleaning Machines Mumbai: वर्ष 2023 से वर्ष 2025 तक मुंबई में अचानक होने वाली बारिश से कई जगहों पर जलजमाव देखने को मिला। बीएमसी अधिकारियों की तरफ से जलजमाव का कारण नाला सफाई सही तरीके से नहीं होने की वजह बताई गई।
इस स्थिति से निपटने के लिए बीएमसी ने मुंबई शहर और उपनगरों की वर्षा जल निकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) की हाईटेक सफाई तथा जलभराव की स्थिति में तेजी से पानी निकालने के लिए 180 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अत्याधुनिक 'सक्शन जेटिंग संयुक्त मशीनें खरीदने का बड़ा फैसला लिया है।
इस प्रस्ताव को हुई स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमिटी) की बैठक में मंजूर कर दिया गया। ऐसी 20 आधुनिक मशीनें जल्द ही बीएमसी के बेड़े में जल्द शामिल होंगी। बैठक के दौरान कई सदस्यों ने बीएमसी के नाला सफाई कार्य से प्रभावित नहीं हुए और गणेश खणकर ने अधिकारियों को लताड़ भी लगाई, लेकिन इस प्रस्ताव पर कई नगरसेवक एकजुट होकर इसे पारित करने में अहम भूमिका निभाई।
एनसीपी (अजित पवार) की नगरसेविका डॉक्टर सईदा खान ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि जब वर्ष 2017 में नगरसेविका थी, तो उन्होंने बीएमसी को नालों की डीप क्लीनिंग करने के लिए कहा था। उस समय बीएमसी ने रेंट पर मशीनों को लिया था। उन्होंने बताया कि यह काम ज्यादातर रात के समय होता है। डीप क्लीनिंग के दौरान नालों में कैमरा भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाता है। उसके बाद सफाई की प्रक्रिया शुरू की जाती है। मुंबई की परिस्थिति को देखते हुए यह मशीनों की जरूरत है। यह बीएमसी को जल्द से जल्द खरीदना चाहिए। इससे नालों में अधिक पानी झेलने की क्षमता बढ़ जाती है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में मुंबई में मानसून के दौरान एक ही दिन में 200 से 300 मिमी या उससे अधिक वर्षा कई बार दर्ज की गई है। ऐसी भारी बारिश के कारण उन क्षेत्रों में भी गंभीर जलभराव हुआ, जहां पहले कभी पानी नहीं भरता था।
आपातकालीन परिस्थितियों में जमा पानी निकालने के लिए बीएमसी को ट्रॉली पर लगे जूस पंप और बड़े वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे काफी समय लगता है। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के 8 वर्ष पुराने वाहनों को हटाने संबंधी नियमों के कारण बीएमसी की कई पुरानी मशीनों का उपयोगकाल भी समाप्त होने वाला है।
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20 आधुनिक मशीनें 18 प्रतिशत जीएसटी तथा अगले 5 वर्षों के संचालन एवं समग्र रखरखाव खर्च सहित इस परियोजना की लागत लगभग 191 करोड़ रुपये होगी, बीएमसी को विभिन्न क्षमताओं वाली कुल 20 आधुनिक मशीने मिलेंगी। इनमे 28 टन क्षमता वाले वाहनों पर स्थापित 11,000 लीटर क्षमता की 7 मशीनें, 18।5 टन वाहनों पर 8,000 लीटर क्षमता की 7 मशीने तथा 9 टन के छोटे वाहनों पर स्थापित 3,000 लीटर क्षमता की 6 मशीनें शामिल हैं।