Mumbai AI Illegal Construction Policy: मुंबई बीएमसी की महासभा ने सोमवार को शहर के पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
नगरसेवक एवं स्थायी समिति सदस्य तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की तरफ से प्रस्तुत इन प्रस्तावों के तहत मुंबई में व्यापक ई-वेस्ट प्रबंधन नीति लागू की जाएगी, अवैध निर्माणों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए आई) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी और युवाओं को बीएमसी से जोड़ने के लिए 'मेयर जेन नेक्स्ट सिविक फेलोज' योजना शुरू की जाएगी।
महासभा ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव में बताया गया कि महाराष्ट्र हर वर्ष बड़ी मात्रा में ई-वेस्ट उत्पन्न करता है और मुंबई देश के सबसे बड़े ई-वेस्ट उत्पादक शहरों में शामिल है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग तथा उनके तेजी से बदलने के कारण ई-वेस्ट की मात्रा लगातार बढ़ रही है। इनमें मौजूद लिथियम बैटरियां, सर्किट बोर्ड और अन्य विषैले पदार्थ मिट्टी, जल और वायु को प्रदूषित कर रहे हैं।
साथ ही कचरा निपटान स्थलों पर आग लगने की घटनाओं में भी इनकी भूमिका सामने आई है। बीएमसी अब अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह केंद्र स्थापित करेगी, प्रमाणित रीसाइक्लिंग एजेंसियों के साथ समन्वय करेगी तथा नागरिकों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी। प्रशासन को चरणबद्ध तरीके से योजना लागू कर उसकी प्रगति रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।
महासभा ने मुंबई शहर में बढ़ते अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी आधुनिक तकनीक के उपयोग को मंजूरी दी। इसके तहत ए आई आधारित अवैध निर्माण पहचान प्रणाली विकसित की जाएगी।
साथ ही ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर नए अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिलों और संरचनात्मक बदलावों की समय रहते पहचान की जाएगी। नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जीपीएस आधारित मोबाइल एप और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जिससे जियो टैग शिकायतों पर संबंधित अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे।
यह भी पढ़ें: - भारत की पहली eVTOL फ्लाइंग टैक्सी PT-01 से उठा पर्दा, 2028 तक कमर्शियल लॉन्च का लक्ष्य
तेजिंदर सिंह तिवाना इन तीनों फैसलों से मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, तकनीक आधारित पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन तथा जनभागीदारी को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों से प्रदूषण कम होगा, अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और युवाओं की ऊर्जा एवं तकनीकी दक्षता के माध्यम से मुंबई के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।