राज ठाकरे ने परिवार के सदस्यों के साथ डाला वोट (सोर्स: सोशल मीडिया)  
मुंबई

'सैनिटाइजर से मिट रही चुनावी स्याही', परिवार संग वोट डालने के बाद राज ठाकरे ने चुनाव आयोग को घेरा

BMC Election: MNS प्रमुख राज ठाकरे ने परिवार संग बीएमसी चुनाव के लिए मतदान किया इसके बाद राज्य चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने स्याही की गुणवत्ता और प्रशासन के दुरुपयोग पर सवाल उठाए।

आकाश मसने

Raj Thackeray Vote: मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने गुरुवार को अपना वोट डाला। मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर हमला बोला और सत्तारूढ़ गठबंधन पर चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी और प्रशासन के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया।

राज ठाकरे ने परिवार संग किया मतदान

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए उत्साह का माहौल है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने दादर इलाके में अपने परिवार के सदस्यों के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उनके साथ उनकी मां कुंडा ठाकरे भी मौजूद थीं। इस चुनावी उत्सव में केवल राज ठाकरे ही नहीं, बल्कि क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर और बेटी सारा तेंदुलकर ने भी मुंबई में अपने वोट डाले। इसके अतिरिक्त, मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर भी मतदान करने पहुंचीं।

प्रशासनिक दुरुपयोग और पक्षपात के गंभीर आरोप

वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राज ठाकरे ने राज्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने दावा किया कि सरकार चुनाव जीतने के लिए पूरे प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। ठाकरे ने विशेष रूप से निकाय चुनावों में ‘प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट' (PA-DU) के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने इस यूनिट के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, जो चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है।

चुनावी स्याही और मतगणना के समय पर सवाल

राज ठाकरे ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही को सैनिटाइजर से आसानी से मिटाया जा सकता है। उन्होंने इसे चुनावी सुरक्षा में बड़ी चूक के रूप में पेश किया।

इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना का समय जानबूझकर बढ़ाया गया है ताकि सत्ताधारी दल को धन वितरण करने का पर्याप्त अवसर मिल सके। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को दरकिनार करना और सत्ता का इस तरह का दुरुपयोग एक "स्वस्थ लोकतंत्र" की निशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार और उसके गलत इस्तेमाल की भी एक सीमा होती है।

कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश

राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो राज ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे इस बीएमसी चुनाव में मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव के दौरान प्रतिद्वंद्वी पार्टियों द्वारा की जाने वाली किसी भी अनुचित या अवैध गतिविधि के प्रति पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिकों और कार्यकर्ताओं से सक्रिय रहने की अपील की। प्रशासन और चुनाव आयोग पर लगाए गए इन आरोपों ने मुंबई की चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।

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