PADU के बारे में बताते बीएमसी कमिश्नर भूषण गगराणी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

BMC चुनाव में 'पाडू' मशीन पर मचा बवाल: राज ठाकरे ने उठाए सवाल, कमिश्नर ने दी सफाई; जानें क्या है यह?

Padu Machine: मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले 'पाडू' (PADU) मशीनों के उपयोग को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के संदेह के बाद बीएमसी कमिश्नर ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है।

आकाश मसने

BMC Election Padu Machine Controversy: आगामी बीएमसी चुनावों के लिए 'पाडू' (PADU) नामक नई मशीनों के प्रवेश ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहाँ मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने इसे संदेह के घेरे में रखते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रशासन ने इसे केवल एक 'डिस्प्ले बैकअप' विकल्प बताया है।,

राज ठाकरे ने पाडू मशीन पर उठाए सवाल

बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों की आहट के साथ ही विपक्षी दलों ने एक बार फिर राज्य चुनाव आयोग को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने 'पाडू' मशीन के अचानक उपयोग पर तीखा हमला बोला है। ठाकरे का आरोप है कि किसी भी राजनीतिक दल को इस नई मशीन के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने आयोग द्वारा अपनाई जा रही नई प्रथाओं, जैसे कि मतदाताओं से मिलने के समय को शाम 5 बजे तक बढ़ाना और नई मशीनों का उपयोग, पर कड़ी आपत्ति जताई है। ठाकरे ने इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर इन मशीनों की जरूरत अचानक क्यों पड़ी?

क्या है 'पाडू' (PADU) मशीन और इसका असली काम?

विपक्ष के बढ़ते दबाव और शंकाओं के बीच मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने एक तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। गगराणी के अनुसार, 'पाडू' का पूरा नाम 'डिप्लॉय प्रिंटिंग ऑक्जिलरी डिस्प्ले यूनिट' (Deploy Printing Auxiliary Display Unit) है। यह एक छोटा सा अतिरिक्त उपकरण है जिसे सीधे ईवीएम (EVM) के कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट के साथ जोड़ा जाता है।

इस मशीन का मुख्य उद्देश्य तकनीकी विफलता के समय सहायता प्रदान करना है। यदि मतदान के दौरान ईवीएम के कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले अचानक काम करना बंद कर देता है, तो ऐसी स्थिति में 'पाडू' मशीन का उपयोग जानकारी प्रदर्शित करने के लिए किया जाएगा। यह मशीन मतदान की प्रक्रिया को अधिक दृश्यमान और पारदर्शी बनाने में मदद करती है क्योंकि इसका डिस्प्ले बड़ा और स्पष्ट होता है।

VVPAT से कितनी अलग है यह मशीन?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 'पाडू' मशीन को वीवीपीएटी (VVPAT) समझने की भूल न की जाए। आयुक्त ने बताया कि वीवीपीएटी की तरह यह मशीन कोई कागजी रसीद (Paper Slip) जारी नहीं करती है। वास्तव में, यह भी एक तरह का कंट्रोल यूनिट ही है जो मुख्य रूप से 'ऑक्जिलरी डिस्प्ले' (अतिरिक्त डिस्प्ले) देने का काम करता है। इन मशीनों का निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BHEL द्वारा किया गया है।

बैकअप के तौर पर 140 यूनिट्स तैनात

आगामी चुनावों के लिए मुंबई में कुल 140 'पाडू' यूनिट्स भेजी गई हैं। ये मशीनें चुनाव अधिकारियों (RO) के पास उपलब्ध रहेंगी। कमिश्नर गगराणी ने आश्वस्त किया कि इन मशीनों की सामान्य परिस्थितियों में शायद ही जरूरत पड़े, लेकिन इन्हें केवल एक 'बैकअप' विकल्प के तौर पर रखा गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति या तकनीकी खराबी के समय ही इनका उपयोग पहले विकल्प के रूप में किया जाएगा।

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