Brain Tumor Epilepsy Treatment Sion Hospital Mumbai: बीएमसी अब अपने अस्पतालों में ब्रेन ट्यूमर और मिर्गी जैसी दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ब्रेनसाइटएआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना पर 4 करोड़ 99 लाख 12 हजार 330 रुपये खर्च होने का अनुमान है। बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना शुरू की जाएगी।
मुंबई शहर में BMC ने सायन स्थित ई.एन.टी. अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में AI आधारित प्रायोगिक परियोजना शुरू करने का फैसला किया है। परियोजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तंत्रिका विज्ञान तकनीक की मदद से मरीजों की बीमारी का अधिक सटीक पता लगाने और उसका विश्लेषण करने का प्रयास किया जाएगा।
शुरुआती चरण में 150 मिर्गी और 12 ब्रेन ट्यूमर मरीजों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव है। यह पायलट प्रोजेक्ट 12 महीने तक चलाने की योजना है। इस तकनीक का इस्तेमाल केवल बीमारी की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। मरीजों की शल्य चिकित्सा के बाद की स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी।
इसके लिए इलाज के बाद एक, तीन और छह महीने के अंतराल पर मरीजों की स्थिति का आकलन कर उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे चिकित्सकों को इलाज के परिणाम और मरीज के स्वास्थ्य में हो रहे बदलावों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रस्ताव के अनुसार परियोजना की कुल लागत करीब 4.99 करोड़ रुपये होगी। इसमें उपकरण और उत्पादन से जुड़े काम पर लगभग 2.70 करोड़ रुपये, परियोजना प्रबंधन पर करीब 1.05 करोड़ रुपये और क्रियान्वयन से जुड़े काम पर लगभग 46.63 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
खास बात यह है कि इस परियोजना के लिए सामान्य निविदा प्रक्रिया के बजाय 'स्माइल काउंसिल' की नवउद्यमी कंपनी को प्रायोगिक आधार पर काम देने का प्रस्ताव है।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार स्माइल काउंसिल के माध्यम से विकसित उत्पादों और सेवाओं को प्रयोग के आधार पर खरीदने और इस्तेमाल करने की पहले से मंजूरी है। इसके लिए बीएमसी के बजट में नवाचार क्रियान्वयन निधि के तहत 25 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।