

FDA Seized Illegal Drugs In Mumbai: नागरिकों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़े दवाओं की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले निर्माता और विक्रेता (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) एफडीए के लपेटे में आ रहे हैं। जून से अगस्त के बीच मेडिकल, दवा निर्माण केंद्रों और ब्लड बैंकों समेत 2,902 ठिकानों की जांच की गई।
इस दौरान 880 लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई करते हुए 104 ठिकानों से 11.41 करोड़ रुपए का अवैध दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों का माल जब्त किया गया। मामलों की गंभीरता को देखते हुए 20 अपराध दर्ज कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान के दौरान 104 ठिकानों पर छापेमारी कर 11 करोड़ 41 लाख रुपए की अवैध दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों का स्टॉक जब्त किया गया। मामलों की गंभीरता के आधार पर 20 अपराध दर्ज किए गए, जबकि 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के आंकड़े एफडीए की सख्ती के साथ ही दवा कारोबार में नियमों के उल्लंघन की गंभीर तस्वीर सामने रखते हैं।
FDA की जांच में दवा निर्माण केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी, उत्पादन से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी और निरीक्षण प्रक्रिया में कई खामियां सामने आईं। कुछ केंद्रों पर बिना मंजूरी वाली दवाओं के निर्माण के मामले भी पाए गए।
वहीं, कुछ ब्लड बैंकों में रक्त संक्रमण अधिकारी की उपलब्धता, रक्त भंडारण के रिकॉर्ड और तापमान नियंत्रण की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही मिली।
इसके अलावा रक्त भंडारण से जुड़े उपकरणों के रखरखाव में भी कमियां पाई गईं। इन खामियों को मरीजों की सुरक्षा और दवाओं व रक्त की गुणवत्ता के लिए गंभीर माना जा रहा है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुंबई शहर में दवा बिक्री केंद्रों पर नियमों का पालन किए बिना दवाएं देना और एक्सपायरी डेट वाली दवाओं को बिक्री के लिए रखना भी सामने आया। गंभीर अथवा बार-बार नियम तोड़ने वाले लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया गया।
इसके बाद नियमों की गंभीरता के अनुसार उनके लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए। एफडीए ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।