Election Duty Absence BKC Police FIR Mumbai Officers: बांद्रा पूर्व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव उप तहसीलदार की शिकायत पर बीकेसी पुलिस ने, बीएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग (जी/दक्षिण प्रभाग) के कार्यकारी सहायक अतुल निवृत्ति वाघमारे और महावितरण के उप प्रबंधक मनोज वसंतराव कुलकर्णी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि चुनाव आयोग की ऑनलाइन प्रणाली पर पंजीयन के बाद वे न तो किसी समीक्षा बैठक में शामिल हुए, और न ही अपने आवंटित कार्य का पर्यवेक्षण किया। वे चुनाव ड्यूटी से गायब थे। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन करने का कार्य जोर-शोर से जारी है।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के दौरान एक तरफ जहां प्रशासन लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपना रहा है। वहीं दूसरी तरफ चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों और शिक्षकों पर अत्यधिक मानसिक व शारीरिक तनाव की बातें भी कही जा रही है।
प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण बांद्रा पूर्व विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है। चुनाव उप तहसीलदार की शिकायत पर हुई इस प्राथमिकी से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनावी कर्तव्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह भी पढ़ें:- ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस पर पूर्ण विराम: महाराष्ट्र में नए परमिट और रिन्यूअल बंद, डांस बार कानून के तहत कार्रवाई
इस अभियान के क्रियान्वयन में लगे कर्मचारियों की स्थिति चिताजनक बनी हुई है। हाल ही में चेदूर कैप हिंदी स्कूल के 37 वर्षीय शिक्षक कैलाश भोयर की बीएलओ ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से दुखद मृत्यु हो गई। इसके अलावा, घाटकोपर में स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं के बावजूद ड्यूटी से राहत न मिलने पर एक शिक्षिका द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला भी सामने आया है।
घर-घर जाकर सत्यापन करने और फॉर्म भरवाने के इस कठिन कार्य से शिक्षकों पर चौतरफा दबाव बन रहा है। जिससे स्कूलों में पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में चलाए जा रहे इस अभियान के लिए राज्यभर में 1,00,253 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तैनात किए गए हैं। जिनमें से अकेले मुंबई में 10,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
महाराष्ट्रः लगभग 1 लाख
ज्यादातर : स्कूलों में टीचर
काम का समयः 30 जून से घर-घर जाकर वोटर वेरिफिकेशन
मुंबई: लगभग 10 हजार
मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनः 7 हजार कर्मचारी, जिनमें से 3300 म्युनिसिपैलिटी में टीचर के तौर पर काम कर रहे है।