देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

BJP-Shivsena UBT के फिर करीब आने की आहट, महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण संभव

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर संभव है। भाजपा और शिवसेना यूबीटी के बीच नए सिरे से बातचीत के संकेत मिल रहे हैं, जिससे शिंदे गुट की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र में पिछले तीन साल के अंदर जिस तरह से राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी तेजी से बदली है, उसे देखते हुए लोगों ने यहां की राजनीतिक दोस्ती और दुश्मनी पर सोचना भी बंद कर दिया है।

इसी बीच, एक बार फिर भाजपा और शिवसेना यूबीटी के बीच नए सिरे से बातचीत का प्रयास शुरू किया जा रहा है। यह बताया जा रहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को यह लगता है कि उसने भले ही मुंबई बीएमसी में अपना परचम लहरा लिया है लेकिन उसकी सहयोगी शिवसेना शिंदे वह लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई।

जिसकी उम्मीद भाजपा ने की थी। इसके अलावा भाजपा नेतृत्व को यह भी लगता है कि जिस तरह से एकनाथ शिंदे लगातार नाराज होते रहते हैं, वह महाराष्ट्र भाजपा नेताओं के बीच एक गलत संदेश देते रहते हैं।

ऐसे में अगर उद्धव ठाकरे की शिवसेना उनके साथ आ जाए तो यह भाजपा गठबंधन के लिए अधिक बेहतर होगा। हालांकि इसके लिए भाजपा अपनी शर्तों पर यूबीटी के साथ गठबंधन चाहती है। जहां यूबीटी का कहना है कि भाजपा पहले ऐलान कर शिंदे को अलग करे।

उसके उपरांत वह आगे की बातचीत करेगी, भाजपा सूत्रों के मुताबिक शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि बीएमसी चुनाव में यूबीटी का प्रदर्शन भले ही खराब दिख रहा हो, लेकिन मौजूदा परिदृश्य में उनके प्रदर्शन को खराब नहीं माना जा सकता है।

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फडणवीस की सहमति से होगा अंतिम फैसला

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस समय यूबीटी के पास संगठन के नाम पर शिवसेना के एक चौथाई से भी कम कार्यकर्ता है लेकिन इसके बाद भी उसने अपनी सीटों की संख्या 30 से बढ़ाकर 60 तक पहुंचाने में सफलता हासिल की। वह कई ऐसे इलाकों में भी आगे रहीं, जहां शिंदे अपना वर्चस्व होने कर दावा करते थे, ऐसे में यह तय है कि यूबीटी फिलहाल खत्म नहीं हुई है।

अगर उसे भाजपा का सहयोग मिल जाए तो वह अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर सकती है। इसके अलावा हिंदू हृदय सम्राट रहे बाला साहब ठाकरे की विरासत इस समय भी यूबीटी के पास ही है। हालाकि यह देखना होगा कि उद्धव किन शर्तों पर एनडीए में वापस आना चाहेंगे, यह निश्चित तौर पर कांग्रेस गठबंधन में असहज है।

अगर वह एनडीए में आते हैं तो महाराष्ट्र में काग्रेस को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा यूचीटी के एनडीए में आने से फायर ब्रांड हिंदू नेता की पहचान रखने वाले राज ठाकरे भी एनडीए में आ सकते है, जिससे महाराष्ट्र में एनडीए लगभग अपराजित हो सकता है। हालांकि भाजपा के एक अन्य नेता ने कहा कि अंतिम निर्णय फडणवीस की सहमति से ही होगा।

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