रवींद्र चव्हाण व रितेश देशमुख (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

BJP अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने रितेश देशमुख से मांगी माफी, विलासराव देशमुख पर विवादित बयान पर दी सफाई

Ravindra Chavan Statement: बीजेपी नेता रवींद्र चव्हाण ने विलासराव देशमुख की यादें मिटाने वाली टिप्पणी पर माफी मांगी। रितेश और अमित देशमुख ने प्रतिक्रिया दी, विवाद स्थानीय चुनावों से जुड़ा था।

आकाश मसने

Ravindra Chavan Apologized To Riteish Deshmukh: लातूर से उठे विवाद के बाद भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के पुत्र रितेश देशमुख और कांग्रेस नेता अमित देशमुख के प्रति अपनी टिप्पणी को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका बयान राजनीतिक प्रेरित नहीं था और इसका उद्देश्य केवल स्थानीय विकास पर ध्यान दिलाना था।

सोमवार (5 जनवरी) को लातूर में लातूर महानगर पालिका चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा था, “आपका उत्साह देखकर मैं सौ फीसदी भरोसे के साथ कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी।” इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई और बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह राज्य के विकास के लिए जीवन समर्पित नेता के योगदान को कमतर कर रही है।

विलासराव देशमुख के पुत्र और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने टिप्पणी को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक’ बताया। बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने भी भावुक वीडियो संदेश में कहा कि उनके पिता का नाम कोई नहीं मिटा सकता।

चव्हाण ने दी सफाई, मांगी माफी

मंगलवार (6 जनवरी) को चव्हाण ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि इन स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिक सुविधाएं मुख्य मुद्दा होनी चाहिए। मैंने विलासराव देशमुख की आलोचना नहीं की। कांग्रेस वहां उनके नाम पर वोट मांग रही है। अगर मेरे शब्दों से उनके पुत्र की भावनाएं आहत हुईं, तो मैं उनसे माफी मांगता हूं।

चव्हाण ने आगे कहा कि उनका बयान राजनीतिक रूप से नहीं देखा जाना चाहिए और लातूर के लोगों को विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विलासराव देशमुख बड़े नेता थे और उनके योगदान को लोग आज भी याद करते हैं।

रितेश देशमुख ने जारी किया था वीडियो

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा जारी रही। रितेश देशमुख के भावुक वीडियो संदेश को व्यापक प्रतिक्रिया मिली, जबकि अमित देशमुख ने कहा कि उनकी और लातूरवासियों की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले ने दिखाया कि सार्वजनिक बयान कितनी तेजी से विवाद और भावनाओं की चिंगारी भड़काने का कारण बन सकते हैं। चव्हाण की माफी ने मामले को शांत करने की कोशिश की है, लेकिन लातूर के लोग और राजनीतिक विश्लेषक इस घटना को चुनावी रणनीति और भावनाओं के मिश्रण के रूप में देख रहे हैं।

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा