BSSC Exam Fraud Case: बिहार में BSSC परीक्षा में कथित धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत रौशन कुमार और आकाश कुमार शामिल हैं। जांच में परीक्षा पास कराने के लिए लाखों रुपये की डील और बायोमेट्रिक कर्मचारियों से मिलीभगत का खुलासा हुआ है।
जांच के अनुसार, रौशन कुमार ने परीक्षार्थी श्वेता कुमारी को AEDO परीक्षा पास कराने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा किया था। इसके लिए उसने बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक एजेंसी के जिला समन्वयक और आकाश कुमार के साथ मिलकर योजना बनाई।
आकाश और रौशन ने कथित तौर पर बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारियों की मदद से एजेंसी का फर्जी ID कार्ड तैयार कराया। इसी ID के जरिए चंदन और राहुल नाम के दो लोगों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया। दोनों ने कमरा नंबर 25 में बैठी श्वेता को आंसर-की उपलब्ध कराई। इसके बाद श्वेता ने कथित तौर पर उत्तर पुस्तिका में वही उत्तर लिखे।
जांच में सामने आया है कि आकाश कुमार खुद भी परीक्षा में परीक्षार्थी था। उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। वहां उसने कथित तौर पर बायोमेट्रिक स्टाफ से सेटिंग की। इसके बाद वह भागलपुर पहुंचा और कई परीक्षार्थियों को ब्लूटूथ के जरिए उत्तर लिखवाने में मदद की।
EOU के अनुसार, आकाश पिछले चार-पांच वर्षों से सॉल्वर गैंग से जुड़ा हुआ है। उस पर कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली कराने का आरोप है। बताया गया है कि उसने मद्य निषेध विभाग की 14 और 18 जुलाई को हुई परीक्षाओं में भी सेटिंग कराई थी।
जांच में NEET-2023 परीक्षा में फर्जी तरीके से स्कॉलर बैठाने और अमीन बहाली परीक्षा में दो परीक्षार्थियों की सेटिंग कराने की बात भी सामने आई है। EOU अब आरोपियों से पूछताछ कर परीक्षा धांधली से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।