Bhandara Food Safety Rules Maharashtra: महाराष्ट्र में आगामी त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है और इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। खासकर गणेशोत्सव के दौरान बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले भंडारे के वितरण को लेकर लोगों के मन में कई सवाल तैर रहे हैं।
क्या FDA के कड़क और कड़े तेवरों के लिए मशहूर कमिश्नर तुकाराम मुंढे का अगला निशाना ये भंडारे होने वाले हैं? मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में जब उनसे सीधे यह सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही स्पष्ट लहजे में अपनी रणनीति साफ कर दी और नियमों का पालन न करने वालों को कड़ी चेतावनी दे दी।
गणेशोत्सव मंडलों द्वारा आयोजित किए जाने वाले भंडारे और महाप्रसाद पर कार्रवाई के सवाल का जवाब देते हुए एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि यह किसी खास आयोजन को निशाना बनाने का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से रेगुलेशन को लागू करने का मामला है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, चाहे कोई भी हो, हर फूड बिजनेस ऑपरेटर के पास आवश्यक पंजीकरण या लाइसेंस होना चाहिए और उन्हें तय खाद्य सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना लाइसेंस, बिना मानकों या बिना प्रोटोकॉल के चलने वाला कोई भी खाद्य व्यवसाय नियमों का उल्लंघन है और इसमें आयोजन की प्रतिष्ठा या कद कोई मायने नहीं रखता।
कमिश्नर मुंढे ने संकेत दिया कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए एफडीए एक व्यापक राज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि त्योहारों से पहले, उसके दौरान और त्योहारों के बाद के लिए अलग-अलग कड़े उपाय तैयार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जल्द ही एक आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि त्योहारों के दौरान केवल वैध लाइसेंस धारक ही भोजन का निर्माण और आपूर्ति कर सकें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया कि एफडीए की नजर में नियमों का दायरा सभी के लिए बराबर है। उन्होंने कहा, चाहे वह स्ट्रीट फूड विक्रेता हो, कोई साधारण भोजनालय हो, थ्री-स्टार या फाइव-स्टार होटल हो, या फिर सरकारी व निजी प्रतिष्ठान हम किसी में भेदभाव नहीं करते।
उनके मुताबिक, एफडीए का ध्यान इस बात पर है कि परोसा जाने वाला भोजन पूरी तरह से सुरक्षित हो, निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया हो और उपयोग की जाने वाली कच्ची सामग्री की गुणवत्ता बेहतरीन हो।
हाल ही में की गई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में 115 से अधिक सरकारी और अर्ध-सरकारी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया है, जिनमें से कई गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर लगभग 20 से 25 लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
नियमों की सख्ती के साथ-साथ कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने नागरिकों को सेहत को लेकर भी एक खास फेस्टिवल वॉर्निंग दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के इस मौसम में अत्यधिक वसा, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। उन्होंने कहा, त्योहारों के दौरान भी सीमित मात्रा में ही इनका सेवन करें, अत्यधिक खाने से बचें क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। उत्सव का आनंद अपनी सेहत को सुरक्षित रखकर लें।
साफ है कि कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ हिंट दे दिया है कि इस त्योहारी सीजन में नियमों की अनदेखी करने वाले गणेश मंडलों या भंडारा आयोजकों के खिलाफ एफडीए की कार्रवाई की गाज गिर सकती है, क्योंकि खाद्य सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है।