Maharashtra Dance Bars Controversy: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों कानून-व्यवस्था और डांस बार के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) भाई जगताप ने राज्य की मौजूदा महायुति सरकार पर कानून-व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार के कामकाज को बेहतरीन बताया है।
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने महाराष्ट्र में डांस बारों के कथित रूप से खुलेआम संचालित होने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डांस बार बिना किसी डर के चल रहे हैं। उन्हें पुलिस और सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
भाई जगताप ने राज्य के पूर्व गृहमंत्री आरआर पाटिल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा किया कि जब आरआर पाटिल प्रदेश के गृह मंत्री थे, तब हमारी सरकार ने डांस बारों के खिलाफ सख्त कानून बनाया था और उसके प्रभाव से ऐसे प्रतिष्ठान बंद हो गए थे। लेकिन, आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मुंबई और नवी मुंबई सहित कई स्थानों पर डांस बार खुलेआम संचालित हो रहे हैं। सरकार का दायित्व गलत गतिविधियों पर अंकुश लगाना और कानून का भय बनाए रखना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा दिखाई नहीं देता।
विपक्ष के इन हमलों के बीच, शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने पलटवार किया। मंत्री संजय शिरसाट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के मुख्यमंत्री पर दिए गए बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संजय राउत बार-बार अपने बयान बदलते रहते हैं और यह उनकी आदत बन चुकी है। कुछ दिन पहले तक संजय राउत स्वयं देवेंद्र फडणवीस की तारीफ कर रहे थे, लेकिन अब उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
संजय शिरसाट ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र को पता है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अच्छा काम कर रहे हैं और जिस गति से सरकार काम कर रही है, उसकी आम जनता भी सराहना कर रही है। ऐसे में संजय राउत की बयानबाजी को सरकार गंभीरता से नहीं लेती।
इधर शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात को लेकर उठ रही राजनीतिक अटकलों पर भी मंत्री संजय शिरसाट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से होने वाली ऐसी मुलाकातें महाराष्ट्र की लोकतांत्रिक और राजनीतिक संस्कृति को दर्शाती हैं।
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मंत्री शिरसाट ने बताया कि शरद पवार और एकनाथ शिंदे की यह मुलाकात किसी गोपनीय स्थान पर नहीं, बल्कि खुले तौर पर हुई है। इसलिए इससे किसी नए राजनीतिक समीकरण या गठबंधन के संकेत निकालना उचित नहीं होगा। महाराष्ट्र के हित से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न दलों के नेताओं का संवाद लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।