बेस्ट बस दुर्घटनाएँ (सोर्स: AI) 
मुंबई

बेस्ट बस हादसों पर गंभीर सवाल; ड्राइवर नहीं, सिस्टम है हादसों का जिम्मेदार, कागजों में फिट, सड़क पर हैं अनफिट

BEST Bus Accidents: मुंबई में लगातार हो रहे बेस्ट बस हादसों पर समिति सदस्यों ने सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया। मेंटेनेंस, स्टाफ की कमी और अधूरी ट्रेनिंग पर गंभीर सवाल उठाए।

आलोक उमाकृष्ण

BEST Bus Accidents Maintenance Driver System: मुंबई में लगातार हो रहे बेस्ट बस हादसों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बेस्ट समिति के सदस्य दावा कर रहे हैं कि दुर्घटनाओं के लिए केवल ड्राइवरों को जिम्मेदार ठहराना वास्तविक समस्या से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

उनका आरोप है कि बसों के मेंटेनेंस में लापरवाही, तकनीकी स्टाफ की कमी, कागजी फिटनेस और ड्राइवरों को समय- समय पर प्रशिक्षण न मिलने जैसी खामियां हादसों की बड़ी वजह बन रही हैं, जबकि हर दुर्घटना का ठीकरा चालक के सिर फोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि हादसों के लिए केवल चालक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। बसों के रखरखाव, तकनीकी जांच और चालक प्रशिक्षण की व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मानखुर्द में सोमवार सुबह सायन-पनवेल महामार्ग पर सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे रूट 501 की नॉन-एसी सीएनजी बेस्ट बस के कथित ब्रेक फेल होने से बस डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में 62 वर्षीय पैदल यात्री की मौत हो गई, जबकि चालक, कंडक्टर समेत 10 लोग घायल हुए। बेस्ट ने ऑपरेटर मातेश्वरी अर्बन ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस को कारण बताओ नोटिस जारी कर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। क्षतिग्रस्त बस तकनीकी जांच के लिए मानखुर्द पुलिस के कब्जे में है।

वेट लीज बसों में हैं गंभीर खामियां

समिति सदस्य फैसल खान ने कहा कि बेस्ट की वेट-लीज मॉडल पर चलने वाली बसों के रखरखाव में गंभीर खामियां हैं। मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी नहीं हैं और निर्धारित अंतराल पर होने वाली जांच कई मामलों में केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। कई बार बिना वास्तविक निरीक्षण के ही चेकलिस्ट पूरी कर दी जाती है।

उनका कहना है कि हर हादसे का दोष केवल चालक पर मढ़ना उचित नहीं है। अधिकांश चालकों के पास 2 से 6 वर्ष का अनुभव है और वे जानबूझकर दुर्घटना नहीं करते। यदि गियर बॉक्स, क्लच, स्टीयरिंग या ब्रेक में तकनीकी खराबी आ जाए तो चालक के पास हादसा टालने के बहुत सीमित विकल्प बचते हैं।

पहले भी जता चुके हैं चिंता

समिति सदस्य फैसल खान ने कहा कि वह पहले भी बेस्ट प्रबंधन, महाप्रबंधक और संबंधित अधिकारियों को ठेके पर चलने वाली बसों के रखरखाव को लेकर आगाह कर चुके हैं। उनके अनुसार बढ़ते हादसों के पीछे तकनीकी खामियां या चालक प्रशिक्षण और कार्य परिस्थितियों की कमियां प्रमुख वजह हो सकती हैं।

सख्त निगरानी की मांग

समिति सदस्य रमाकांत गुप्ता ने कहा कि उन्होंने भी वेट-लीज बसों के रखरखाव को लेकर प्रशासन को पत्र लिखा था। उन्होंने नियमित तकनीकी जांच, समयबद्ध मेंटेनेंस और ठेकेदारों की कड़ी निगरानी की मांग करते हुए कहा कि हालिया हादसों के बाद वेट-लीज ऑपरेटरों की जवाबदेही तय करने की जरूरत और बढ़ गई है।

बेहतर प्रशिक्षण और कार्य व्यवस्था जरूरी

समिति सदस्यों ने चालकों के लिए नियमित रिफ्रेशर ट्रेनिंग, पर्याप्त अवकाश और बेहतर कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि ड्राइवरों की कमी से कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है, जबकि ठेकेदार बसों को अधिक से अधिक किलोमीटर चलाने पर जोर देते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

फिर डिवाइडर से टकराई बेस्ट

मुंबई के दौलतनगर बस स्टॉप के पास सोमवार रात करीब 11.20 बजे वैषाली नगर से बोरीवली पूर्व जा रही बेस्ट की बस रूट ए-462/34 अचानक सामने आए अज्ञात बाइक सवार को बचाने के प्रयास में डिवाइडर से टकराकर फंस गई। टोइंग वैन से बस हटाई गई। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस में मामला दर्ज नहीं हुआ है।

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