मुंबई में मानसून आते ही BEST की AC बसों की खुली पोल; छतों से टपक रहा पानी, सभी डिपो में जांच के आदेश

BEST Buses Mumbai: मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ ही बेस्ट की एसी बसों की छतों से पानी टपकने की शिकायतें आई हैं। ओशिवारा डिपो की 22 बसों में खामियां मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
With the onset of monsoon in Mumbai, commuters complained about water leakage in BEST AC buses. Following defects in 22 buses at Oshiwara, a city-wide inspection was ordered.
BEST Bus (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Mumbai BEST Buses News: मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ ही बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की बसों के रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं। कई मार्गों पर यात्रियों ने एसी बसों की छत से पानी टपकने, फर्श पर पानी भरने और सफर के दौरान असुविधा होने की शिकायत की है। इससे बारिश के मौसम में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

ओशिवारा डिपो की 22 बसों में मिली खामियां

ओशिवारा डिपो में किए गए निरीक्षण के दौरान 22 एसी इलेक्ट्रिक बसों में पानी रिसने की समस्या पाई गई। इन सभी बसों को विस्तृत तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत पूरी होने के बाद ही इन्हें दोबारा सेवा में शामिल किया जाएगा।

पूरे शहर के डिपो में चलेगा निरीक्षण अभियान

बेस्ट समिति के सदस्य रमाकांत गुप्ता ने कहा कि अन्य डिपो की बसों में भी इसी तरह की खामियां हो सकती हैं। इसे देखते हुए वडाला डिपो सहित मुंबई के सभी डिपो में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा, ताकि मानसून के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

BEST समिति अध्यक्ष ने दिए सख्त निर्देश

बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृषा विश्वासराव ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी बसें वेट लीज मॉडल पर संचालित इलेक्ट्रिक एसी बसें हैं। संबंधित ऑपरेटरों को चेतावनी दी जाएगी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए और रखरखाव के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें

मुंबई बेस्ट समिति के अनुसार जून की शुरुआत में भी कई एसी बसों में पानी रिसने की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद कुछ बसों को सेवा से हटाकर मरम्मत के लिए डिपो भेजा गया था। समिति ने स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान यात्रियों को टपकती छत वाली बसों में सफर करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। इसलिए सभी आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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