Nitin Gadkari Toll Announcement: देश में राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारत में आने वाले फरवरी महीने से बैरियर-फ्री टोल सिस्टम की शुरुआत होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा।
'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' में अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार अब फास्टैग (FASTag) को ऑटोमैटिक नंबर-प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य टोल कलेक्शन को पूरी तरह से आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाना है।
सालाना 10,000 करोड़ रुपए बढ़ेगी टोल आय
नितिन गडकरी ने बताया कि प्रस्तावित नए सिस्टम में FASTag डेटा और गाड़ी की नंबर प्लेट, दोनों का एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टोल वाले रास्तों पर वाहनों की पहचान और ट्रैकिंग बेहद सटीक हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, हम एक ऐसा आधुनिक टोल सिस्टम लागू करने जा रहे हैं, जिसमें नंबर प्लेट और फास्टैग दोनों तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस नई व्यवस्था से सरकार की टोल आय में सालाना 10,000 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
इंतजार का समय 90% तक घटा
टोल व्यवस्था में आए बदलावों का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि 2016 में FASTag की शुरुआत टोल पेमेंट को आधुनिक बनाने और यात्रियों के अनुभव को बेहतर करने के लिए की गई थी। 2021 में इसे अनिवार्य कर दिया गया, जिससे देश भर में कैश-बेस्ड पेमेंट से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की ओर बदलाव में तेजी आई।
उन्होंने बताया कि FASTag लागू होने से पहले टोल प्लाजा पर औसतन 12 मिनट और कई बार 30 मिनट तक का इंतजार करना पड़ता था। अब यह वेटिंग टाइम 80 से 90 प्रतिशत तक कम हो चुका है। सरकार का अगला और अंतिम कदम इस बची हुई देरी को भी पूरी तरह खत्म करना है, ताकि गाड़ियां बिना रुके टोल प्लाजा से निर्बाध रूप से गुजर सकें।