Samajwadi Party UP Development Model: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार (15 मार्च 2026) को मुंबई के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों और नवाचारों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। उन्होंने मेट्रो से लेकर एक्सप्रेस-वे और सांस्कृतिक महोत्सवों तक, अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर तंज कसा। अखिलेश ने दावा किया कि जो काम वर्तमान सरकार अब कर रही है, वे उन कार्यों को 11 साल पहले ही अंजाम दे चुके थे।
अखिलेश यादव ने विशेष रूप से कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा के लिए किए गए अनूठे प्रयोग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए उनकी सरकार ने गैस सिलेंडरों को रेत के नीचे रखने का प्रावधान किया था, जिससे खाना तो बनता था लेकिन सिलेंडर फटने या आग लगने की दुर्घटनाओं की संभावना शून्य हो गई थी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा तकनीक और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
अखिलेश यादव ने बुनियादी ढांचे के विकास पर बोलते हुए कहा कि यूपी में मेट्रो बनाना उनके घोषणापत्र का हिस्सा नहीं था, लेकिन जनता की जरूरत को देखते हुए उन्होंने 'मेट्रो मैन' ई. श्रीधरन को सलाहकार बनाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने देश की सबसे कम समय में बनने वाली 9 किलोमीटर की मेट्रो और देश का सबसे बड़ा सिंगल एलिवेटेड रोड बनाया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "चलते एक्सप्रेस-वे पर हवाई जहाज उतारने का काम हम 11 साल पहले ही कर चुके थे, जिसे यह सरकार अब अपनी उपलब्धि बता रही है।"
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सपा प्रमुख ने पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए बदलावों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नियम बनाया था कि किसी ग्रीन बेल्ट का पहला पेड़ मंत्री नहीं बल्कि आखिरी पेड़ लगाएगा, जिससे विभागों ने जिम्मेदारी से काम किया और यूपी में वन क्षेत्र बढ़ा। तकनीक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने लैपटॉप बांटने का फैसला लिया, तो उनकी आलोचना हुई, लेकिन आज तक उस प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठा सका। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि लैपटॉप ऑन होते ही उनकी और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की तस्वीर दिखती थी, जो आज भी जारी है।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के कलाकारों के लिए 'यश भारती' सम्मान और फूलों वाली होली जैसी प्रथाओं की शुरुआत का श्रेय अपनी सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि सैफई के साथ-साथ आगरा और झांसी महोत्सवों ने लोक कलाकारों को मंच दिया। अयोध्या के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'भजन स्थल' का निर्माण शुरू किया था ताकि मंदिर दर्शन के बाद गरीब श्रद्धालुओं के रुकने और समय गुजारने की उचित व्यवस्था हो सके। उन्होंने कहा कि उनके विजन का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ गरीब श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं देना था।