AIMIM Corporator Roshan Shaikh Caste Certificate Case: मुंबई के मानखुर्द-शिवाजीनगर क्षेत्र से AIMIM की नगरसेविका रोशन इरफान शेख को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। जाति सत्यापन समिति द्वारा उनके प्रमाणपत्र को अवैध घोषित किए जाने के बाद, इस निर्णय पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय ने साफ इनकार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद रोशन शेख का पार्षद पद रद्द होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब इस मामले में मनपा आयुक्त अश्विनी भिड़े क्या निर्णय लेती हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर टिकी हुई है।
BMC चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाणपत्र को फर्जी बताते हुए समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी मोहम्मद महफूज शेख ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि यह प्रमाणपत्र परभणी से नियमों का उल्लंघन कर हासिल किया गया था। मामले की विस्तृत जांच के बाद जाति सत्यापन समिति को दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां मिलीं, जिसके आधार पर प्रमाणपत्र को अवैध घोषित कर रद्द कर दिया गया। समिति के इस फैसले के खिलाफ रोशन शेख ने तुरंत बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और निर्णय पर स्थगन की मांग की।
हालांकि, अदालत ने यह मांग खारिज कर दी और समिति के निर्णय में हस्तक्षेप से इनकार किया। स्थगन न मिलने के कारण तकनीकी रूप से अब रोशन इरफान शेख का नगरसेवक पद खतरे में आ गया है और प्रशासनिक कार्रवाई महज औपचारिकता रह गई है।
जनवरी 2026 में हुए BMC के चुनाव में रोशन शेख ने 1,348 मतों से जीत हासिल की थी। नियमों के अनुसार यदि उनका सदस्यत्व रद्द होता है, तो दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार मोहम्मद महमूद शेख के पार्षद बनने की संभावना है।
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शिकायतकर्ता मोहम्मद महफूज शेख ने मांग की है कि आयुक्त अदालत के आदेश का पालन करते हुए जल्द से जल्द पद रद्द करने की कार्रवाई करें। इस फैसले के बाद मानखुर्द-शिवाजी नगर क्षेत्र में एमआईएम खेमे में चिता का माहौल है।