अबू आजमी (सोर्स: एआई फोटो)
मुंबई

शरीयत मानने वाले अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं कर सकते... लाल किले से वंदे मातरम गायन पर अबू आजमी का बयान

Abu Azmi On Vande Mataram: लाल किले से वंदे मातरम् के गायन पर अबू आजमी का बड़ा बयान। उन्होंने कहा- जिन्हें गाना है वे गाएं, लेकिन शरीयत मानने वाले अल्लाह के अलावा किसी की इबादत नहीं कर सकते।

गोरक्ष पोफली

Abu Azmi Statement On Vande Mataram: देश की आजादी के 80वें वर्ष में भारत एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने कहा कि जिन्हें गाना है वे गाए हमें दिक्कत नहीं है। हालांकि, शरीयत को मानने वाले अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत नहीं कर सकते हैं।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में अबू आजमी ने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, वे कानून बना सकते हैं और ऐसे मामलों पर संसद तथा विधानसभा में चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी चीज को लोगों पर जबरन थोपा जाता है तो देश में कानून और न्यायपालिका मौजूद हैं और अंतिम फैसला अदालतें ही करेंगी।

जिन्हें वंदे मातरम गाना है, वे गाएं

जिन्हें वंदे मातरम गाना है, वे गाएं, हम सुनेंगे। जो लोग वंदे मातरम् गाते हैं, हमें उनसे कोई एतराज नहीं है। लेकिन जो लोग शरीयत को मानते हैं, उनके लिए यह धार्मिक मजबूरी है कि वे अल्लाह के अलावा किसी और की वंदना नहीं कर सकते। क्या आप उन्हें उनके मजहब से अलग कर देंगे? जो लोग अपने मजहब के अनुसार जीवन जीते हैं, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।

आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई और गलत गिरफ्तारियां

दिल्ली धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट पर आजमी ने कहा कि आतंकवादियों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए, चाहे उनका संबंध पाकिस्तान से हो या अल-कायदा जैसे किसी आतंकी संगठन से, जो सचमुच आतंकवादी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें फांसी दिए जाने से भी किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन मैंने ऐसे कई मामले देखे हैं, जिनमें लोगों को अल-कायदा या अन्य संगठनों के नाम पर गिरफ्तार किया गया और बाद में उनके खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया।

उन्होंने मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई पढ़े-लिखे लोग वर्षों तक जेल में रहे और बाद में बरी हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग वर्षों तक जेल में रहे लेकिन उनके जीवन के वे साल आखिर कौन वापस करेगा।

मुसलमानों को निशाना बनाने की राजनीति

एफसीआरए बिल को लेकर अबू आजमी ने केंद्र सरकार पर अल्पसंख्यकों को परेशान करने वाले मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। तीन तलाक, ‘वंदे मातरम्’ और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों को लेकर मुसलमानों को निशाना बनाने की राजनीति की जा रही है। इन मुद्दों के जरिए वोट लेने की कोशिश हो रही है जबकि देश में विकास के कामों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

मराठी भाषा अनिवार्यता पर मुख्यमंत्री से चर्चा

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों सहित सेवा प्रदाताओं के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर अबू आजमी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से बात की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया था कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, जिससे किसी को परेशानी हो। आजमी के अनुसार, उन्होंने मंत्री से भी कहा था कि लोगों को मराठी सीखने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। मुंबई में दूसरे शहरों और राज्यों से लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए आते हैं। यदि मराठी भाषा को अनिवार्य किया जाता है, तो शुरुआत में उन्हें दिक्कतें हो सकती हैं। लोगों को भाषा सीखने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए।

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