मुंबई: महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर सियासी पार्टियां सक्रिय नजर आ रही हैं और सभी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गई हैं। इधर विधानसभा चुनाव में हार के बाद एमवीए में टूट होती भी दिख रही है। शिवसेना (यूबीटी) पहले ही बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का मन बना चुकी हैं। इस बीच बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आजमी ने दावा करते हुए कहा है उनकी पार्टी अकेले ये चुनाव लड़ेगी। उन्होंने ये भी कहा कि हम सेक्युलर लोग हैं और हमारी पार्टी को सांप्रदायिकता बर्दाश्त नहीं है।
बीएमसी चुनाव एमवीए गठबंधन के साथ लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि "महाविकास अघाड़ी से मैं पहले ही अलग हो चुका हूं क्योंकि हम सांप्रदायिकता बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। अभी आपने ने देखा कि उद्धव ठाकरे ने कह दिया कि वो अकेले बीएमसी चुनाव लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी भी अकेले चुनाव लड़ेगी।"
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र ईकाई के अध्यक्ष आजमी ने दावा करते हुए कहा कि इस बार हम कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हम देख रहे हैं कि गठबंधन के बावजूद एमवीए में कोई को-ऑर्डिनेशन नहीं है। सीटों के बंटवारे को लेकर आखिरी तक झगड़ा चलता रहता है और सीटें लेने के बाद हार जाते हैं। इसलिए बीएमसी चुनाव समाजवादी पार्टी अलग लड़ेगी।
अबू आजमी ने कहा कि "उद्धव ठाकरे जी को आपने सुन लिया है कि वो अलग लड़ने वाले हैं। मैं पहले ही बोल चुका हूं कि जो लोग हिंदुत्व की बात करेंगे, बाबरी मस्जिद ढाहने वालों को बधाई देंगे तो ऐसे लोगों के साथ समाजवादी पार्टी नहीं रह सकती है। समाजवादी पार्टी एक सेक्युलर पार्टी है।" महाराष्ट्र की खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
सपा विधायक अबू आजमी ने कहा कि राम मनोहर लोहिया के उसूलों पर चलने वाले मुलायम सिंह यादव ने कभी सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं किया था। सपा ने हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, दलित, किसान, मजदूर और नौजवान सभी को एक तरह से देखा। उसी लाइन पर चलकर समाजवादी पार्टी काम करेगी।"
बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि बीएमसी चुनाव के लिए हिंदुत्व के मुद्दे को जनता के बीच ले जाएं। उन्होंने कहा था कि "हिंदुत्व के लिए शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही लड़ रही है, कल भी लड़ेगी और लड़ती रहेगी।"