Mumbai Monorail Restart: मुंबई में मोनोरेल की सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद की गई थी। अब इसे दोबारा शुरू करने के लिए MMRDA ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मोनोरेल कॉरिडोर की सुरक्षा जांच के लिए सेवानिवृत्त मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की नियुक्ति की गई है। इस पूर्व अधिकारी के नेतृत्व में टीम अगले सप्ताह से सीएमआरएस परीक्षण शुरू करेगी। इन परीक्षणों को पूरा कर सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद करीब आठ माह बाद मई के अंत तक मोनोरेल सेवा फिर से शुरू करने की योजना एमएमआरडीए ने बनाई है। देश की एकमात्र चेंबूर-जैकब सर्कल मोनोरेल लाइन घाटे में चल रही है और इसे यात्रियों का अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। हालांकि, कुछ यात्रियों के लिए यह सेवा काफी सुविधाजनक साबित होती है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) सूत्रों के अनुसार उनके नेतृत्व में अगले सप्ताह से मोनोरेल की परीक्षण प्रक्रिया शुरू होगी। सीएमआरएस जांच शुरू होना मोनोरेल संचालन की अंतिम प्रक्रिया मानी जाती है। सीएमआरएस के तहत ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग सिस्टम, बिजली आपूर्ति और ट्रेन के सुरक्षा पहलुओं (ब्रेकिंग सिस्टम आदि) की बारीकी से जांच की जाती है। स्टेशन पर सीढ़ियां, एस्केलेटर, लिफ्ट, टिकट काउंटर, और प्रवेश/निकास द्वारों का निरीक्षण किया जाता है। इसलिए अब यात्रियों का इंतजार जल्द खत्म होने की संभावना है। सुरक्षा जांच और प्रमाण पत्र मिलने के बाद मई के अंत तक मोनोरेल सेवा दोबारा शुरू हो सकती है।
करीब आठ महीने बाद फिर से शुरू होने जा रही मोनोरेल को मुंबईकरों से कितना प्रतिसाद मिलता है, यह देखना अहम होगा। इसी बीच यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए मोनोरेल के वीएनपी और आरसी मार्ग जंक्शन स्टेशन को 'मेट्रो 2बी' (अंधेरी पश्चिम-मंडाले, मानखुर्द) के चेंबूर मेट्रो स्टेशन से फुटओवर ब्रिज के जरिए जोड़ा जाएगा। साथ ही चेंबूर मेट्रो स्टेशन भी जल्द ही यातायात सेवा में शामिल होने वाला है। इससे मेट्रो यात्रियों को आगे मोनोरेल के जरिए चेंबूर से जैकब सर्कल तक यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। MMRDA को उम्मीद है कि इससे मोनोरेल की यात्री संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
यह भी पढ़ें:- Mumbai Airport आज 6 घंटे के लिए बंद, घर से निकलने से पहले चेक कर लें अपनी फ्लाइट, रनवे पर हो रहा है बड़ा काम
हादसों के बाद आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने सितंबर 2025 में मोनोरेल सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की। इसके बाद पूरी लाइन के आधुनिकीकरण, नई मोनोरेल ट्रेनों को शामिल करने और यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई काम शुरू किए गए, इसी वजह से एमएमआरडीए ने मोनोरेल सेवा पूरी तरह बंद कर दी थी।