मुंबई ड्रेन क्लीनिंग AI मॉनिटरिंग (सौ. सोशल मीडिया ) 
महाराष्ट्र

मुंबई में AI ने खोली नाला सफाई घोटाले की पोल, ठेकेदारों पर 9.25 करोड़ रुपये का जुर्माना

Mumbai BMC AI Monitoring Drain Cleaning: मुंबई में नाला सफाई कार्यों की AI आधारित निगरानी के दौरान कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं। बीएमसी ठेकेदारों पर 9.25 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

अपूर्वा नायक

Mumbai BMC AI Monitoring Drain Cleaning News: मुंबई में मानसून पूर्व नाला सफाई कार्यों की निगरानी के लिए अपनाई गई एआई आधारित प्रणाली ने कई ठेकेदारों की लापरवाही और अनियमितताओं की पोल खोल दी है।

तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में सामने आई खामियों के आधार पर बीएमसी ने संबंधित ठेकेदारों पर 9 करोड़ 25 लाख 72 हजार 830 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह राशि ठेकेदारों के बिलों से वसूली की जा रही है।

इस बीच अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने स्पष्ट किया है कि नाला सफाई कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही अनियमितताओं के खिलाफ प्रशासन की शून्य सहिष्णुता नीति आगे भी जारी रहेगी।

बीएमसी के अनुसार मुंबई में हर वर्ष मानसून से पहले मीठी नदी, बड़े नालों और छोटे नालों से गाद और कीचड़ निकालने का कार्य किया जाता है, ताकि बारिश के पानी का निकास सुनिश्चित हो सके। इस वर्ष भी मार्च के पहले सप्ताह से नाला सफाई अभियान शुरू किया गया था। नाला सफाई कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष से एआई आधारित निगरानी प्रणाली लागू की है।

एआई से कार्यप्रणाली में किया जा रहा सुधार : बांगर

बांगर ने कहा कि एआई आधारित निगरानी और प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण के कारण कार्यों में हुई गड़बड़ियां प्रभावी रूप से सामने आई हैं। विशेष रूप से स्थल निरीक्षण में मिली कमियां और वीडियो अपलोड न करना दंडात्मक कार्रवाई के प्रमुख कारण रहे, उन्होंने कहा कि एआई प्रणाली के माध्यम से कार्यप्रणाली में लगातार सुधार किया जा रहा है और महानगरपालिका प्रशासन उन्नत तकनीकों को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

30 सेकंड का वीडियो अपलोड करना अनिवार्य

इसके तहत कार्यस्थल की तस्वीरों के साथ 30 सेकंड का वीडियो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। छोटे नालों की सफाई से पहले और बाद की स्थिति की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी जरूरी है। इन सभी वीडियो और तस्वीरों का एआई के माध्यम से विश्लेषण कर कार्यों की निगरानी की जाती है।

जांच के दौरान तिरपाल हटाए बिना वजन कराना, एक ही तस्वीर का बार-बार उपयोग, गाद निपटान के दौरान छूल नियंत्रण में लापरवाही, आवश्यक तस्वीरो और वीडियो का अभाव, वाहन और वर्क कोड में विसंगति जैसी अनेक खामियां सामने आईं। मशीनरी और वाहनों की कमी, मजदूरों को सुरक्षा उपकरण न देना, निकाली गई गाद का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निपटान न करना और कार्यों में देरी जैसी कमियां भी पाई गई।

इस तरह लगा जुर्माना

एआई आधारित जांच में सामने आई त्रुटियों के लिए कुल 8 करोड़ 99 लाख 26 हजार 830 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसमे बड़े नालों से संबंधित कार्यों पर 1 करोड़ 39 लाख 39 हजार 380 रुपए, छोटे नालों पर 6 करोड़ 11 लाख 86 हजार 950 रुपए और मीठी नदी से जुड़े कार्यों पर 1 करोड़ 48 लाख 500 रुपए का दंड शामिल है। प्रत्येक त्रुटिपूर्ण फेरी पर 1,000 की दर से 26 लाख 46 हजार रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है। मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देशानुसार वर्षा जल निकासी विभाग ने यह कार्रवाई की है।

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