River Linking Projects Worth 1 Lakh Crore: राज्य में पानी के असमान वितरण को दूर करने और मानसून के दौरान नदियों के अतिरिक्त पानी का उपयोग करने के लिए राज्य सरकार नदी जोड़ परियोजनाओं में तेजी ला रही है।
इस महात्वाकांक्षी योजना के माध्यम से नदी घाटियों के अतिरिक्त पानी को बांधों, नहरों और सुरंगों के जरिए मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और पश्चिम विदर्भ के सूखाग्रस्त क्षेत्रों की ओर मोड़ा जाएगा।
इन परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की निविदाएं जारी की जाएंगी। जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की छह प्रमुख नदी घाटियों का अध्ययन कर एक एकीकृत जल प्रारूप (इंटीग्रेटेड वाटर प्लान) तैयार किया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य न केवल कृषि के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाना है, बल्कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, इन प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 8 जिलों को सीधा लाभमिलेगा और 10 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि सिंचाई के तहत आएगी। इसके लिए आगामी एक से दो महीनों में 25-25 हजार करोड़ रुपये के चरणों में निविदाएं निकाली जाएंगी।
उत्तर महाराष्ट्र के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण 'नार-पार नदी जोड़ परियोजना' के तहत नासिक, मालेगांव, चालीसगांव, जलगांव और पाचोरा क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस परियोजना के लगभग 5,500 करोड़ रुपये का एक टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जबकि 7,000 करोड़ रुपये के अन्य कार्यों की निविदाएं जल्द निकाली जाएंगी। इसके अलावा, दमणगंगा नदी से समुद्र में बहने वाले लगभग 7 टीएमसी पानी को भी मराठवाड़ा की ओर मोड़ने की तैयारी है।
गिरीश महाजन ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए फसलों के नुकसान का तत्काल पंचनामा करने और पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।