सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

4 दिनों में हुई महीने भर की औसत बारिश... कंट्रोल रूम पहुंचे सीएम फडणवीस, मुंबई की स्थिति पर जताई चिंता

Devendra Fadnavis On Heavy Rain: मुंबई में 4 दिनों में हुई महीने भर की औसत बारिश। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने डिजास्टर मैनेजमेंट कंट्रोल रूम पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और मुंबई की स्थिति पर चिंता जताई।

गोरक्ष पोफली

CM Devendra Fadnavis Visits Control Room: महाराष्ट्र में भारी बारिश और बिगड़ते मौसम के मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के डिजास्टर मैनेजमेंट कक्ष का दौरा किया और पूरी स्थिति की समीक्षा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य में बारिश की मौजूदा स्थिति, प्रशासन की तैयारियों और आने वाले खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में मानसून ने इस बार बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। शहर में सामान्यतः एक महीने में जितनी औसत बारिश होती है, उतनी बारिश केवल पिछले चार दिनों के भीतर दर्ज की गई है। इतनी अधिक बारिश और समुद्र में हाई टाइड के मेल ने मुंबई में आपदा जैसी स्थिति पैदा कर दी है। भारी बारिश के बीच बीएमसी लगातार जलजमाव रोकने की कोशिश कर रही है। परिवहन की स्थिति पर जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि हालांकि कुछ जगहों पर व्यवधान है, लेकिन मुंबई मेट्रो, बसें और रेलवे काफी हद तक सुचारू रूप से चल रही हैं।

तेज हवाओं का कहर और पेड़ों का गिरना

बारिश के साथ-साथ मुंबई में चलने वाली हवाओं ने भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मुंबई में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अप्रत्याशित हवाएं चलीं, जिससे केवल एक दिन में लगभग 350 पेड़ गिर गए और करीब 450 पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। यह संख्या पूरे चार महीने के मानसून सीजन में गिरने वाले पेड़ों के औसत का 50 प्रतिशत है। आने वाले समय के लिए चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि हवा की तीव्रता 70 से 90 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।

नासिक में बादल फटने की संभावना

मुख्यमंत्री ने एक बड़ी चेतावनी देते हुए बताया कि अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से नासिक और त्र्यंबकेश्वर के बीच 'क्लाउड बस्ट' होने की प्रबल संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप वहां 300 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। इसका असर पूरे नासिक जिले और शहर पर देखने को मिलेगा। इसके अलावा रायगढ़, पालघर, सातारा और पुणे जैसे जिलों में भी भारी बारिश जारी है।

हाईवे पर भूस्खलन और राहत कार्य

भारी वर्षा के कारण राज्य के प्रमुख संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। आठ अलग-अलग स्थानों पर लैंडस्लाइड होने के कारण मुंबई-गोवा हाईवे को बंद करना पड़ा। वहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर करीब 100 टन मलबा गिरने से यातायात बाधित हुआ। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासन मलबे को साफ करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है और मुंबई-पुणे मार्ग पर कुछ लेन को यातायात के लिए खोल दिया गया है।

प्रशासन की तैयारी और नागरिकों से अपील

अगले तीन दिन, यानी 8 जुलाई की रात तक, राज्य में बारिश की तीव्रता बहुत अधिक रहने वाली है। स्थिति को संभालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में फिर से तैनात किया गया है। सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

अंत में, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपील की है कि लोग 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) करें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। सरकार ने कार्यालयों में छुट्टी भी घोषित की है ताकि सड़कों पर भीड़ न हो और लोग संभावित दुर्घटनाओं से सुरक्षित रह सकें।

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