एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस, सुनेत्रा पवार (फाइल फोटो, सोशल मीडिया मीडिया) 
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र MLC चुनाव: महायुति में मचा घमासान! पुणे और कोंकण की सीटों को लेकर भाजपा-NCP और शिंदे में खींचतान

Maharashtra MLC Elections: महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के चुनाव घोषित होते ही महायुति में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। कोंकण और पुणे की सीटों पर सहयोगी दलों के बीच पेच फंस गया है।

आकाश मसने

Mahayuti Seat-Sharing Conflict On MLC Elections: महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय स्वराज्य संस्था कोटे की 17 सीटों के चुनाव की घोषणा होते ही महायुति में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। खासकर कोंकण और पुणे की सीटों को लेकर सहयोगी दलों के बीच दावेदारी तेज हो गई है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब इन सीटों पर स्वाभाविक हक किसका है, इसे लेकर महायुति के शीर्ष नेतृत्व के सामने बड़ा पेच खड़ा हो गया है।

रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने मजबूत दावा ठोक दिया है। पार्टी की ओर से पूर्व विधायक राजन सालवी का नाम प्रमुखता से आगे बढ़ाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सालवी ने चुनावी तैयारी भी शुरू कर दी है। वहीं, NCP नेता और सांसद सुनील तटकरे अपने बेटे अनिकेत तटकरे के राजनीतिक पुनर्वसन के लिए इस सीट पर जोर लगा रहे हैं। इससे महायुति में सीधी टक्कर की स्थिति बन गई है।

अकोला में मीडिया से बातचीत में राजन सालवी ने कहा कि इस मतदारसंघ में महायुति के भीतर सबसे ज्यादा मतदाता हमारे पक्ष के हैं। परंपरा के अनुसार यह सीट हमें मिलनी चाहिए। यह हमारा स्वाभाविक दावा है। अंतिम निर्णय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लेंगे।

कोंकण में शिंदे गुट दावेदारी मजबूत

  • शिंदे गुट : 236
  • भाजपा : 151
  • एनसीपी : 63
  • शिवसेना (यूबीटी) : 55
  • कांग्रेस : 50

पुणे सीट पर भाजपा बनाम राष्ट्रवादी

दूसरी ओर, 2022 से रिक्त पड़ी पुणे विधान परिषद सीट को लेकर भी महायुति में तनातनी बढ़ गई है। यह सीट पहले राकां के पास थी, लेकिन अब भाजपा ने बदले राजनीतिक समीकरणों के आधार पर इस पर अपना दावा मजबूत करना शुरू कर दिया है। जब पूर्व विधायक अनिल भोसले इस सीट से चुने गए थे, तब अविभाजित एनसीपी का पुणे में दबदबा था। लेकिन हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसके बाद दोनों दलों का मतबल लगभग बराबरी पर पहुंच गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर अजीत पवार स्वयं सक्रिय रूप से नेतृत्व संभाल रहे होते, तो भाजपा शायद इतनी आक्रामक दावेदारी नहीं करती। अब यह जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है।

भाजपा में भी कई दावेदार

पुणे सीट के लिए भाजपा में भी अंदरूनी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। देवेंद्र फडणवीस के करीबी और पुणे मनपा में लंबे समय तक सक्रिय रहे गणेश बीडकर को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वहीं, पूर्व विधायक जगदीश मुलीक ने भी विधान परिषद में भेजने के पुराने आश्वासन का हवाला देते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने दावा पेश किया है। दूसरी तरफ एनसीपी की ओर से पूर्व विधायक सुनील टिंगरे, पूर्व महापौर योगेश बहल और सांसद पार्थ पवार के करीबी विक्रम काकड़े के नाम चर्चा में हैं।

पुणे सीट का संख्याबल

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी : 344
  • भाजपा : 306
  • शिंदे गुट : 68
  • कांग्रेस : 19
  • एनीसी (शरद गुट) : 17
  • शिवसेना (यूबीटी) : 11

नांदेड़ सीट एनसीपी को देने की मांग

विधान परिषद चुनाव से पहले महायुति और मविआ में सीट बंटवारे को लेकर जोरदार खींचतान शुरू हो गई है। इसी बीच राकां के विधायक प्रताप पाटिल चिखलीकर ने नांदेड़ विधान परिषद सीट अपनी पार्टी को देने की मांग उठाई है। चिखलीकर ने कहा कि विधान परिषद की कौन-सी सीट किस दल को मिलेगी, इसका अंतिम फैसला महायुति के तीनों दलों के वरिष्ठ नेता मिलकर करेंगे। लेकिन नांदेड़ में एनसीपी की अच्छी ताकत है, इसलिए मैंने खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुनेत्रा पवार से यह सीट हमारे पक्ष को देने की मांग की है। कार्यकर्ताओं के लिए अवसर मांगना हमारा कर्तव्य है।

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