महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में 8,669 सरकारी पदों पर निकली बंपर भर्ती, मंत्री अदिति तटकरे ने किया मेगा रिफॉर्म का ऐलान

Govt Jobs In Maharashtra: महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में 23 साल बाद ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। 8,669 नियमित पदों सहित कुल 2.3 लाख से अधिक पदों को मंजूरी दी गई है।

आकाश मसने

Maharashtra Anganwadi Sevika Jobs: महाराष्ट्र सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। विभाग में पिछले 23 वर्षों से लंबित पुनर्गठन की प्रक्रिया को अंततः मंजूरी दे दी गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने इस 'मेगा रिफॉर्म' की घोषणा करते हुए बताया कि इस निर्णय से विभाग के कामकाज में न केवल तेजी आएगी, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन भी बेहतर होगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, विभाग में कुल 8,669 नियमित पदों (गट-अ से गट-ड) को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, काम के बोझ को देखते हुए 165 नए पद सृजित किए गए हैं। नियमित पदों के साथ-साथ, विभाग के सुचारू संचालन के लिए 2,843 पदों को आउटसोर्सिंग के जरिए भरने की भी अनुमति दी गई है।

आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र सरकार ने 1,10,664 आंगनवाड़ी सेविका और 1,10,664 आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय आधारित पदों को भी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यानी कुल मिलाकर 2,21,328 मानधनी पद अब विभाग के ढांचे का हिस्सा होंगे।

महाराष्ट्र समाज कल्याण बोर्ड, मुंबई के 15 मौजूदा और 32 डेपुटेड कर्मचारियों को अब महिला एवं बाल विकास कमिश्नर पुणे के तहत खाली पदों पर बराबर सैलरी पर एडजस्ट किया जाएगा।

23 साल का इंतजार खत्म

मंत्री अदिति तटकरे ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सन 2003 के बाद पहली बार विभाग की संरचना में इतना बड़ा बदलाव किया गया है। यह निर्णय वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए फलदायी साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई स्थित महाराष्ट्र समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का समायोजन अब पुणे स्थित महिला एवं बाल विकास आयुक्त कार्यालय के तहत रिक्त पदों पर किया जाएगा।

इस सुधार से अब आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी, कुपोषण के खिलाफ लड़ाई और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में मैनपावर की कमी नहीं होगी। यह कदम महाराष्ट्र के प्रशासनिक इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा

इत्र कारोबारियों की चमकी किस्मत! रेलवे ने हटाया सालों पुराना बैन, अब देशभर में महकेगी खुशबू

बाबा नीम करौली के आश्रम व संपत्ति पर छिड़ा विवाद, नातिनें पहुंचीं कलेक्ट्रेट; राजस्व अभिलेखों की जांच की मांग

खुद ही पागल हैं हिमंता बिस्वा सरमा... राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद का पलटवार