कोल्हापुर के अंबाबाई मंदिर में पुजारी धरने पर बैठे।
धार्मिक विधियों और पारंपरिक पूजा-पद्धति में प्रशासन के दखल का आराेप।
पुलिसर्किमयों के कथित गलत व्यवहार की उच्च स्तरीय जांच कराने और कार्रवाई की मांग की है।
बीच का रास्ता निकालने पुलिस प्रशासन और पुजारियों के मध्य बैठकें शुरू।
Kolhapur Ambabai Temple Priests Strike: महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित प्रसिद्ध श्री अंबाबाई मंदिर के पुजारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंदिर परिसर में चल रहे इस अचानक विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुजारियों का आरोप है कि मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं, पूजा-पाठ की पद्धतियों और विधियों में स्थानीय प्रशासन जरूरत से ज्यादा दखलंदाजी कर रहा है, जिससे पारंपरिक रूप से पूजा करने में भारी बाधा आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस विवाद के पीछे हाल ही में देवी की मूर्ति से जुड़ी कुछ घटनाओं और मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था को लेकर हुए गतिरोध मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पुजारियों का आरोप है कि मंदिर में होने वाली धार्मिक विधियों और पारंपरिक पूजा-पद्धति में प्रशासन जरूरत से ज्यादा दखल दे रहा है। इससे परंपरागत तरीके से पूजा करने में बाधा आ रही है।
पुजारियों ने मांग की है कि प्रशासन धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए निर्णय ले। इस विवाद के पीछे देवी की मूर्ति से जुड़ी कुछ घटनाओं और दर्शन व्यवस्था को लेकर हुए प्रसंगों को भी कारण बताया जा रहा है।
इसके अलावा पुजारियों ने कोल्हापुर पुलिस के व्यवहार पर आपत्ति जताई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और आंदोलन कर रहे पुजारियों के बीच बातचीत शुरू हुई है। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने और विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, पुजारियों की मांगों पर प्रशासन की ओर से अब तक क्या निर्णय लिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है।
अंबाबाई मंदिर कोल्हापुर का प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के चलते अब श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मंदिर की पूजा-पद्धति, धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष महत्व है।