Kolhapur Money Lender Harassment Case: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की कागल तहसील स्थित सोनगे गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक किसान ने निजी साहूकार के कथित मानसिक उत्पीड़न, गाली-गलौज और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित किसान ने पहले अपनी पत्नी के मोबाइल पर माफी का मैसेज भेजा और फिर जहर पीकर अपनी जान दे दी। मृतक किसान की पहचान श्रीधर डावरे के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, किसान श्रीधर डावरे ने कुछ साल पहले खेती व अन्य जरूरतों के लिए केवल 9 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसके बदले वह अलग-अलग किश्तों में अब तक 26 लाख रुपये चुका चुका था। इसके बावजूद साहूकार उससे 25 लाख रुपये की और अतिरिक्त मांग कर रहा था।
यह पूरी घटना 23 सितंबर की है। मानसिक रूप से टूट चुके श्रीधर डावरे ने आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले अपनी पत्नी सविता डावरे के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा। इस मैसेज में उन्होंने अपनी पत्नी से माफी मांगी और साथ ही अपनी जेब में रखी सुसाइड नोट की दो तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप पर भेज दीं। संदेश भेजने के तुरंत बाद श्रीधर ने जहरीला पदार्थ पी लिया।
जैसे ही पत्नी और परिजनों को इस मैसेज के बारे में पता चला, घर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आनन-फानन में श्रीधर की खोजबीन की और उन्हें अचेत अवस्था में इलाज के लिए नजदीकी निपाणी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, किसान की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोल्हापुर के छत्रपति प्रमिला राजे (CPR) अस्पताल स्थानांतरित कर दिया। वहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद आखिरकार इलाज के दौरान श्रीधर ने दम तोड़ दिया।
मृतक किसान की पत्नी सविता डावरे ने कोल्हापुर जिले के मुरगूड पुलिस स्टेशन में इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सविता ने पुलिस को बताया कि उसके पति श्रीधर ने बाणगे गांव के निवास अण्णासो पाटिल नाम के निजी साहूकार से कुछ साल पहले 9 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। अपने खून-पसीने की कमाई से श्रीधर ने साहूकार को समय-समय पर कुल 26 लाख रुपये वापस भी कर दिए थे।
लेकिन साहूकार लगातार 25 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की अवैध मांग कर रहा था। पैसे न दे पाने पर पाटिल अक्सर श्रीधर के साथ गाली-गलौज करता, उन्हें जान से मारने की धमकियां देता और सार्वजनिक रूप से उनके साथ मारपीट भी करता था। साहूकार के इस लगातार बढ़ते जुल्म और मानसिक उत्पीड़न के कारण श्रीधर गहरे तनाव में चले गए थे और अंततः उन्होंने आत्महत्या कर ली।
सविता की शिकायत के आधार पर मुरगूड पुलिस ने आरोपी साहूकार निवास अण्णासो पाटिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। कोल्हापुर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और मोबाइल संदेश को सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया गया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।