Kolhapur District Milk Producers Union: कोल्हापुर जिला दूध उत्पादक संघ यानी 'गोकुल' की पंचवर्षीय चुनाव को लेकर महायुति में सीट बंटवारे का पेंच एक बार फिर उलझ गया है। सीटों का फॉर्मूला तय होने और मुख्यमंत्री की ओर से इसे मंजूरी मिलने के बावजूद रविवार को सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा नहीं हो सकी।
बताया जा रहा है कि राकां (अजीत पवार) के वरिष्ठ नेता और मंत्री हसन मुश्रीफ सीट बंटवारे से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी नाराजगी के कारण महायुति में तनाव बढ़ गया है। महायुति में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो चुका है। इसके तहत राकां को 9 सीटें, भाजपा को 7, शिवसेना (शिंदे गुट) को 7 और जनसुराज्य शक्ति पार्टी को 2 सीटें देने पर सहमति बनी है।
हालांकि, राष्ट्रवादी के हिस्से की 9 सीटों में विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर के गुट की एक सीट शामिल होने को लेकर मुश्रीफ नाराज बताए जा रहे हैं। हसन मुश्रीफ ने राष्ट्रवादी के लिए 10 सीटों की मांग की थी। लेकिन तय फॉर्मूले में उनके गुट को 9 सीटें मिली हैं।
मुश्रीफ का तर्क बताया जा रहा है कि राष्ट्रवादी और यड्रावकर गुट के पास अधिक प्रस्तावधारक होने के बावजूद उनके हिस्से मैं अपेक्षाकृत कम सीटें आ रही हैं। इसी वजह से मुश्रीफ ने महायुति के पैनल को बाहर से समर्थन देने का संदेश दिया है। 6 महीने से चल रहा सीटों पर पेंच बता दें कि गोकुल चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर महायुति में पिछले करीब छह महीने से खींचतान चल रही है।
मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचने के बाद प्रस्तावधारकों की संख्या के आधार पर सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया था। लेकिन अब दलों के बीच हुए सीट बंटवारे को लेकर असंतोष सामने आने लगा है।
महायुति में राकां (अजीत गुट), भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और जनसुराज्य शक्ति पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी की है। इससे पहले हुई दो बैठकों में भी सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई थी। अब फॉर्मूला तय होने के बावजूद मुश्रीफ की नाराजगी ने गठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी है।