हसन मुश्रीफ, शिवाजीराव पाटिल, सतेज उर्फ बंटी पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)
कोल्हापुर

कोल्हापुर की राजनीति में गोकुल का संग्राम, मुश्रीफ-पाटिल के घमासान के बीच मुंबई में बैठक बुलाएंगे CM फडणवीस

Gokul Election: गोकुल दूध संघ चुनाव को लेकर महायुति में मंत्री हसन मुश्रीफ और विधायक शिवाजीराव पाटिल के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है।अंदरूनी खींचतान के चलते मुख्यमंत्री ने मुंबई में बैठक बुलाई है।

मनीषा बोंदरे

Kolhapur Mahayuti Politics: कोल्हापुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय राजनीति में अहम स्थान रखने वाले गोकुल दूध संघ के चुनाव की सरगर्मी अब मुंबई तक पहुंच गई है।

15 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही महायुति के भीतर उम्मीदवारी और सीटों को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। नेताओं की नाराजगी और दावेदारी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप की चर्चा शुरू हो गई है।

हसन मुश्रीफ का बड़ा भाई वाला दावा

मंत्री हसन मुश्रीफ के बड़े भाई वाले दावे और विधायक शिवाजीराव पाटिल की राजनीतिक घेराबंदी ने कोल्हापुर की सियासत को और गर्म कर दिया है। मुश्रीफ ने स्पष्ट किया है कि गोकुल संघ के चुनाव में वे ही बड़े भाई की भूमिका निभाएंगे। दूसरी ओर, शिवाजीराव पाटिल लगातार मुश्रीफ को राजनीतिक रूप से घेरने में जुटे हुए हैं।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि महायुति के ये दोनों प्रमुख नेता गोकुल चुनाव में साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे या अपनी-अपनी ताकत दिखाएंगे?

बंटी पाटिल की सक्रियता से बढ़ी चिंता

महायुति के अंदरूनी मतभेदों के बीच विरोधी नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल की बढ़ती बैठकों ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी है। उनकी लगातार राजनीतिक गतिविधियों के चलते महायुति के नेताओं की चिंता बढ़ने की चर्चा है। ऐसे में चुनावी रणनीति को लेकर महायुति के लिए एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुंबई में होगी अहम बैठक

गोकुल चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही मुंबई में महायुति के प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में अंतिम चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में यह भी मंथन हो सकता है कि चुनाव को निर्विरोध कराने का प्रयास किया जाए या फिर विरोधियों के खिलाफ सीधे चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबला किया जाए। गोकुल चुनाव से पहले होने वाली यह बैठक महायुति चुनावी मैदान के भीतर चल रही खींचतान को दूर करने और साझा रणनीति तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

BIG BREAKING: अग्निवीरों को सेना का दीपावली गिफ्ट, बोनस में मिला दो साल का एक्सटेंशन

मोदी के दोस्त को अमेरिका में मिली शिकस्त, रोहित पवार का तीखा हमला, बोले- 2029 में भारत में भी बदलेगी सरकार

Solar: देश के 65% सोलर कृषि पंप अकेले महाराष्ट्र में, मार्च 2027 तक 100% पंपों को दिन में मिलेगी बिजली

Bihar: निर्दलीय जीते, BJP में गए और अब संकट में कुर्सी! बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज पर क्यों मंडराया खतरा?