Kolhapur Mahayuti Politics: कोल्हापुर : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय राजनीति में अहम स्थान रखने वाले गोकुल दूध संघ के चुनाव की सरगर्मी अब मुंबई तक पहुंच गई है।
15 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही महायुति के भीतर उम्मीदवारी और सीटों को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। नेताओं की नाराजगी और दावेदारी के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप की चर्चा शुरू हो गई है।
मंत्री हसन मुश्रीफ के बड़े भाई वाले दावे और विधायक शिवाजीराव पाटिल की राजनीतिक घेराबंदी ने कोल्हापुर की सियासत को और गर्म कर दिया है। मुश्रीफ ने स्पष्ट किया है कि गोकुल संघ के चुनाव में वे ही बड़े भाई की भूमिका निभाएंगे। दूसरी ओर, शिवाजीराव पाटिल लगातार मुश्रीफ को राजनीतिक रूप से घेरने में जुटे हुए हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि महायुति के ये दोनों प्रमुख नेता गोकुल चुनाव में साथ मिलकर रणनीति बनाएंगे या अपनी-अपनी ताकत दिखाएंगे?
महायुति के अंदरूनी मतभेदों के बीच विरोधी नेता सतेज उर्फ बंटी पाटिल की बढ़ती बैठकों ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी है। उनकी लगातार राजनीतिक गतिविधियों के चलते महायुति के नेताओं की चिंता बढ़ने की चर्चा है। ऐसे में चुनावी रणनीति को लेकर महायुति के लिए एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोकुल चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जल्द ही मुंबई में महायुति के प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में अंतिम चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में यह भी मंथन हो सकता है कि चुनाव को निर्विरोध कराने का प्रयास किया जाए या फिर विरोधियों के खिलाफ सीधे चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबला किया जाए। गोकुल चुनाव से पहले होने वाली यह बैठक महायुति चुनावी मैदान के भीतर चल रही खींचतान को दूर करने और साझा रणनीति तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।