कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (गोकुल) चुनाव की मतगणना जारी।
गोकुल चुनाव में कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल गुट 25 में से 14 सीटों पर बढ़त।
सत्ताधारी गठबंधन महायुति के 11 उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
मंत्री हसन मुश्रीफ के बेटे नाविद मुश्रीफ और शौमिका महाडिक जैसे बड़े चेहरे पीछे हैं।
Kolhapur Gokul Dudh Sangh Election Result Update: कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (गोकुल) के निदेशक मंडल के चुनाव परिणाम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हर पांच साल में होने वाले इस अहम चुनाव में शुरुआती दौर के बाद एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। शुरुआती चरणों में सत्ताधारी गठबंधन महायुति समर्थित छत्रपति शाहू शेतकारी विकास अघाड़ी मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन चौथे और पांचवें दौर की गिनती के बाद पूरा समीकरण बदल गया।
ताजा रुझानों के अनुसार, पांचवें दौर के अंत तक कांग्रेस के दिग्गज विधायक सतेज पाटिल के नेतृत्व वाली राजर्षि शाहू शेतकारी समविचारी अघाड़ी के 14 उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, महायुति समर्थित उम्मीदवार 11 सीटों पर आगे चल रहे हैं। 25 सदस्यीय बोर्ड पर नियंत्रण हासिल करने के लिए 13 सीटों के जादुई बहुमत की आवश्यकता होती है, और सतेज पाटिल का गुट बहुमत के आंकड़े को पार करता नजर आ रहा है।
गाेकुल चुनाव में इस बढ़त के बाद कांग्रेस विधायक सतेज पाटिल के नेतृत्व वाली राजर्षि शाहू शेतकारी समविचारी अघाड़ी ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गोकुल चुनाव में पारंपरिक ब्लॉक वोटिंग यानी पार्टी लाइन के अनुसार मतदान के बजाय बड़े पैमाने पर क्रॉस-वोटिंग हुई है। जहां एक तरफ कोल्हापुर जिले के तमाम महायुति नेता एकजुट नजर आ रहे थे, वहीं सतेज पाटिल ने अकेले दम पर इस चुनावी रण में कड़ी टक्कर दी है।
कोल्हापुर जिले के गोकुल चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। गोकुल के मौजूदा चेयरमैन और महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ के बेटे नाविद मुश्रीफ फिलहाल पीछे चल रहे हैं। इसके अलावा सामान्य श्रेणी में गोकुल के पूर्व चेयरमैन अरुण डोंगले और विश्वास पाटिल भी पिछड़ते नजर आ रहे हैं, जो महायुति के बैनर तले चुनाव लड़ रहे थे।
दिलचस्प बात यह है कि अरुण डोंगले ने पहले चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था ताकि वे महायुति के साथ मिलकर फिर से शीर्ष पद पा सकें, लेकिन फिलहाल उनकी राह मुश्किल दिखती है।
महिला प्रतिनिधि श्रेणी में महायुति की प्रमुख उम्मीदवार शौमिका महाडिक भी पीछे चल रही हैं, जिसे गठबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित सरकारी मल्टीपर्पस हॉल में सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती पूरी सख्ती के साथ जारी है।
इस चुनाव में मंत्रियों और सांसदों सहित कई कद्दावर नेताओं की साख जुड़ी हुई है। इस चुनाव में एनसीपी नेता और मंत्री हसन मुश्रीफ की साख दांव पर लगी थी। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, सांसद धनंजय महाडिक, विधायक विनय कोरे, चंद्रदीप नरके और शिवाजी पाटिल जैसे प्रमुख नामों की भी प्रतिष्ठा दांव पर थी। आने वाले अंतिम दौर के परिणाम यह तय करेंगे कि गोकुल की कमान आधिकारिक तौर पर किसके हाथ में जाती है।