Jalna Rishikesh Pawar DNA Test Murder Case: जालना करीब दस माह पहले रहस्यमय ढंग से लापता 20 वर्षीय ऋषिकेश प्रकाश पवार (योगेश्वर नगर, जालना) की युवक की हत्या की गुत्थी डीएनए जांच के बाद सुलझ गई है। पुलिस जांच में पता चला कि पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में युवक को उसके ही मित्र ने मौत के घाट उतार शव बोरे में भरकर दूधना नदी में फेंका गया था।
पुलिस ने उन अवशेषों व मृतक की मां ज्योति पवार के रक्त के नमूने डीएनए जांच के लिए भेजे। हाल ही में मिली डीएनए रिपोर्ट में दोनों नमूनों का मिलान होने से गुमशुदगी का प्रकरण हत्या में तब्दील हो गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश वाघमारे व यशराज खांडेभराड के खिलाफ केस दर्ज किया है।अविनाश एक अन्य आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में है। मृतक ऋषिकेश की गुमशुदगी रिपोर्ट सितंबर 2025 में जालना तहसील पुलिस थाने में दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी रही, पर लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिल सका।
इसी दौरान शहर के कदीम जालना पुलिस थाने में दर्ज एक मारपीट मामले में गिरफ्तार अविनाश वाघमारे (मालीपुरा, जालना) ने पूछताछ में ऋषिकेश की हत्या का अपराध स्वीकार करने के बाद जालना तहसील पुलिस ने पुनः गहन जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि 24 सितंबर को अविनाश व ऋषिकेश के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। तदुपरांत आरोपी ने पार्टी करने के बहाने ऋषिकेश को बठाण क्षेत्र स्थित खेत में बुलाया। विवाद बढ़ने के बाद अविनाश ने ऋषिकेश का गला घोटकर मौत की नींद सुला दी थी।
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घटना के वक्त यशराज खांडेभराड भी मौजूद था। हत्या के बाद आरोपी ने शहर से कार लाई। शव बोरे में भरकर गोलापांगरी क्षेत्र के पास दूधना नदी में फेंक दिया, ताकि अपराध के सबूत मिटाए जा सके कुछ समय पहले पुलिस को दूधना नदी के किनारे एक अजनबी शख्स के ककाल व अन्य मानव अवशेष मिले थे।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं। इस प्रकरण में वैज्ञानिक साक्ष्यों व डीएनए जांच ने प्रकरण को निर्णायक दिशा दी, जिससे लंबे समय से अनसुलझा यह मामला आखिरकार सुलझ गया।