मराठा आरक्षण पर फिर अनशन की तैयारी में मनोज जरांगे पाटिल (डिजाइन फोटो) 
जालना

मनोज जरांगे पाटिल का अल्टीमेटम आज खत्म, क्या 31 मई से फिर शुरू होगा आमरण अनशन?

Manoj Jarange Patil Maratha Reservation Deadline: मनोज जरांगे पाटिल का अल्टीमेटम आज खत्म। उन्हें मनाने कल अंतरावली सराटी जाएंगे मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और प्रसाद लाड।

अनिल सिंह

Manoj Jarange Patil Maratha Reservation: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर पिछले छह दिनों से महाराष्ट्र सरकार और आंदोलनकारियों के बीच पर्दे के पीछे चल रही कूटनीतिक बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इससे पहले, 22 मई को विधायक प्रसाद लाड ने अंतरावली सराटी जाकर बंद कमरे में जरांगे पाटिल से लंबी चर्चा की थी। उस समय लाड ने आश्वस्त किया था कि वे जरांगे पाटिल के सभी मुद्दों को सरकार के दरबार में उठाएंगे और प्रशासनिक अड़चनों को दूर करेंगे। लाड ने तब भरोसा जताया था कि जरांगे पाटिल को दोबारा भूख हड़ताल पर बैठने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हालांकि, पिछले छह दिनों में सरकार की ओर से कोई लिखित या ठोस आश्वासन न मिलने के कारण जरांगे पाटिल का रुख एक बार फिर कड़ा हो गया है।

विधायक प्रसाद लाड ने आज मीडिया से बात करते हुए आंदोलन स्थगित करने की अपील दोहराई है। उन्होंने कहा, "इस समय राज्य में भीषण गर्मी का प्रकोप है और जल्द ही मानसून भी दस्तक देने वाला है, जिससे किसानों के पास खेती की बुआई का काम शुरू हो जाएगा और स्कूल-कॉलेज भी खुल रहे हैं। ऐसे समय में हम मनोज दादा से अनुरोध करते हैं कि वे 31 मई से भूख हड़ताल पर न बैठें। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस विषय को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।"

मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ हुई सकारात्मक उच्च स्तरीय बैठक

प्रसाद लाड ने खुलासा किया कि पिछले 48 घंटों के भीतर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और मंत्री उदय सामंत के बीच मराठा आरक्षण की कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए कई दौर की सकारात्मक बैठकें हुई हैं। सरकार एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार कर रही है जिससे जरांगे पाटिल की मांगों का सम्मान भी हो जाए और राज्य का सामाजिक सौहार्द भी न बिगड़े। लाड ने दावा किया कि मनोज दादा को वह अपेक्षित जवाब जल्द ही मिल जाएगा जिससे पूरे मराठा समुदाय को न्याय मिलेगा।

अन्य समुदायों (OBC) के आरक्षण को सुरक्षित रखते हुए निकलेगा रास्ता

महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा बनाम ओबीसी आरक्षण का विवाद बेहद संवेदनशील रहा है। इस पर रुख साफ करते हुए सरकारी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट इस बात पर पूरी तरह सहमत है कि मराठा समुदाय को आरक्षण या कुनबी प्रमाण पत्र देते समय ओबीसी (OBC) या अन्य किसी आरक्षित वर्ग के कोटे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। सरकार बिना किसी समुदाय का हक मारे अतिरिक्त वैधानिक प्रावधानों के जरिए जरांगे पाटिल की 'सगे-संबंधी' वाली मांग के प्रशासनिक सरलीकरण का फॉर्मूला कल की बैठक में रख सकती है।

आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी नजरें, क्या बदलेगी आंदोलन की दिशा?

भले ही सरकार कल अपने दो बड़े दूतों (विखे पाटिल और प्रसाद लाड) को अंतरावली सराटी भेज रही है, लेकिन आंदोलनकारियों के सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है। जरांगे पाटिल के समर्थकों का कहना है कि सरकार हर बार केवल समय मांगती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस शासनादेश (GR) जारी नहीं करती। ऐसे में आज सुबह 10:30 बजे होने वाली जरांगे पाटिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस यह तय करेगी कि मराठा आंदोलनकारी कल सरकार के शिष्टमंडल से सकारात्मक बातचीत करेंगे या फिर 31 मई से सीधे आर-पार की लड़ाई (आमरण अनशन) का बिगुल फूंक देंगे।

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