जालना में महिको रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को मौजूदा नेत्रालय से सटी 3 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर सुविधाएं विकसित करने की अनुमति।
कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, डायलिसिस और अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार की व्यवस्था प्रस्तावित।
अस्पताल विस्तार के साथ नर्सिंग, ऑप्टोमेट्री और चिकित्सा से जुड़े तकनीकी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति।
मरीजों को रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जनऔषधि या गैर-लाभकारी दवा केंद्र शुरू किया जा सकेगा।
जमीन के उपयोग और सरकारी शर्तों के पालन की निगरानी जिलाधिकारी आशिमा मित्तल और विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत करेंगे।
Jalna Healthcare Infrastructure Cancer Treatment Facilities: जालना और मराठवाड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने महिको रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को उसके मौजूदा नेत्रालय से सटी तीन हेक्टेयर सरकारी जमीन आवंटित करने की अनुमति दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विशेष शर्तों के साथ मंजूरी दी।
इस जमीन पर कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, डायलिसिस, बाल रोग और अन्य बीमारियों के उपचार की सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। अस्पताल के विस्तार के साथ नर्सिंग, ऑप्टोमेट्री और चिकित्सा तकनीकी प्रशिक्षण से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे। मरीजों को रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जनऔषधि या गैर-लाभकारी दवा केंद्र की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमीन का उपयोग सार्वजनिक हित में और गैर-लाभकारी आधार पर करना होगा। परियोजना की निगरानी जिला और विभागीय प्रशासन करेगा। हालांकि, नई सुविधाएं शुरू होने की समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
जालना शहर और मराठवाड़ा क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने अहम निर्णय लिया है। महिको रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट को उसके मौजूदा नेत्रालय से सटी तीन हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अस्पताल और चिकित्सा शिक्षा से संबंधित सुविधाएं विकसित करने की अनुमति दी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विशेष शर्तों के साथ यह मंजूरी प्रदान की है। प्रस्तावित विस्तार से क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के उपचार के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार ने ट्रस्ट को जनरल मेडिसिन, डायलिसिस, हड्डी रोग, कान-नाक-गला, बाल रोग, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, रक्त संबंधी विकार और कैंसर के उपचार की सुविधाएं विकसित करने की अनुमति दी है। इन सेवाओं के शुरू होने से जालना और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार के अधिक विकल्प मिल सकते हैं। विशेष रूप से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इन सुविधाओं की शुरुआत कब होगी, इसकी समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
अस्पताल के विस्तार के साथ नर्सिंग कॉलेज, ऑप्टोमेट्री कॉलेज और ऑपरेशन थिएटर टेक्निशियन तथा एनेस्थीसिया से संबंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने की भी अनुमति दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संस्थान केवल उन्हीं शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का संचालन कर सकेगा, जिनका सीधा संबंध अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं से होगा। प्रत्येक नए पाठ्यक्रम को शुरू करने से पहले जालना के जिलाधिकारी से इसकी पुष्टि कराना अनिवार्य होगा। फार्मेसी पाठ्यक्रम को इस मंजूरी में शामिल नहीं किया गया है।
सरकारी शर्तों के अनुसार, आवंटित जमीन और उस पर विकसित की जाने वाली सुविधाओं का उपयोग केवल सार्वजनिक हित में किया जाएगा। ट्रस्ट को चिकित्सा सेवाएं गैर-लाभकारी आधार पर संचालित करनी होंगी। मरीजों को रियायती दरों पर दवाएं, इंजेक्शन और आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जनऔषधि केंद्र या गैर-लाभकारी दवा बिक्री केंद्र शुरू करने की अनुमति भी दी गई है। इससे मरीजों के उपचार खर्च को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना की निगरानी जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल और छत्रपति संभाजीनगर के विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत करेंगे। दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि सरकारी जमीन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुसार हो और आवंटन से जुड़ी सभी शर्तों का पालन किया जाए।
राज्य सरकार के इस निर्णय से जालना में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। अब प्रस्तावित सुविधाओं के विकास और उन्हें शुरू करने की समयसीमा पर नजर रहेगी।