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धापेवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नए भवन का लोकार्पण किया गया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पारंपरिक हैंडलूम उद्योग को फिर से बढ़ावा देने की बात कही।
परियोजना के तहत 5 हजार महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने परियोजना का निरीक्षण किया और साड़ियों की सराहना की।
केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने परियोजना को रोजगार सृजन के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
Nitin Gadkari Handloom Industry: पहले हर हलबा आदिवासी समाज के घर में हैंडलूम हुआ करता था, लेकिन समय के साथ यह परंपरा विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई। इसी पारंपरिक हाथकरघा उद्योग को फिर से उसका पुराना वैभव लौटाने और बुनकर समाज की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से धापेवाड़ा टेक्सटाइल परियोजना की शुरुआत की गई है।
यह बात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने धापेवाड़ा टेक्सटाइल उद्योग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नूतन भवन के लोकार्पण समारोह में कही।
विदर्भ के पारंपरिक हैंडलूम उद्योग को आधुनिक फैशन, डिजाइन और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में धापेवाड़ा में कंपनी की नई इमारत का लोकार्पण और हाथकरघा उद्योग का विधिवत शुभारंभ सुप्रसिद्ध अभिनेत्री व सांसद हेमा मालिनी के हाथों फीता काटकर किया गया। अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की।
नितिन गडकरी ने कहा कि 2021 में इस पहल की शुरुआत कर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया था। शुरुआत में बाजार को लेकर मन में आशंकाएं थीं, लेकिन गुणवत्ता में सुधार के बाद अब उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए गड़चिरोली और वाशिम जिलों में भी केंद्र शुरू किए गए हैं। भविष्य में खापा में भी प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना है। एआई से धापेवाड़ा टेक्सटाइल को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान हेमा मालिनी ने पूरे प्रोजेक्ट का बारीकी से निरीक्षण किया और इसकी जमकर सराहना की। निरीक्षण के दौरान उन्हें जो साड़ी सबसे ज्यादा पसंद आई उसे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें उपहार स्वरूप भेंट किया।
हेमा मालिनी ने कहा कि नागपुर से उनका बेहद पुराना और अटूट नाता है। उन्होंने नितिन गडकरी की नवाचार सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि धापेवाडा टेक्सटाइल से न केवल महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि फैशन शो जैसे माध्यमों से विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक साड़ियों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्राप्त हो रहा है।
केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि नितिन गडकरी जिस भी काम को हाथ में लेते हैं चाहे वह सड़क हो, कृषि हो या वस्त्र उद्योग उसे पूरा करके ही दम लेते हैं।
कपड़ा उद्योग में रोजगार सृजन की अपार क्षमता है और धापेवाड़ा प्रोजेक्ट इसमें एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से बुनकर समाज के परिवारों को सालभर प्रति माह 29 से 30 हजार रुपये तक की नियमित आय प्राप्त हो सकेगी।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुंबई की पेशेवर मॉडलों द्वारा प्रस्तुत्त किया गया शानदार फैशन शो रहा। पारंपरिक करवतकाठी तसर सिल्क, सिल्क कॉटन और पट्टी किनार कॉटन साड़ियों के कलात्मक डिजाइनों ने दर्शको का मन मोह लिया।
जैसे ही मुंबई की मॉडलों के साथ धापेवाड़ा की स्थानीय बुनकर महिलाएं मंच (रैप) पर आई, पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
महाराष्ट्र के वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे ने कहा कि नितिन गडकरी ने धापेवाड़ा को एक नई वैश्विक पहचान दी है। फैशन शो के जरिए पारंपरिक कला के विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा मिलेगा। समारोह में राजीव पोतदार, कांचन गडकरी, चरण सिंह ठाकुर, समीर मेधे, नीता ठाकरे, लीला हाथीबेड उपस्थित थे।