एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया ) 
जालना

Maharashtra: जालना में महायुति में दरार, नामफलक विवाद पर शिवसैनिकों का हंगामा

Jalna में पीआर कार्ड सर्वे के उद्घाटन फलक से विधायक अर्जुन खोतकर का नाम हटाए जाने पर शिवसैनिकों ने हंगामा किया और फलक पर कालिख पोत दी। जिससे महायुति में दरार के संकेत देखने के लिए मिल रहे है।

अपूर्वा नायक

Jalna News In Hindi: राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों की हवा चल रही है, उसी बीच जालना में श्रेयवाद को लेकर महायुति में विवाद सामने आ गया, पीआर कार्ड सर्वे के उद्घाटन फलक पर नाम न होने से शिवसेना कार्यकर्ता आक्रामक हो गए।

आक्रामक हुए कार्यकर्ताओं ने पालक मंत्री पंकजा मुंडे के हाथों उ‌द्घाटन हुए नाम फलक पर शिवसैनिकों ने कालिख पोत दी। इस बीच जानबूझकर नाम हटाने का आरोप शिवसैनिकों ने लगाया है। पालक मंत्री पंकजा मुंडे शनिवार को जालना जिले के दौरे पर थीं।

उन्होंने शनिवार शाम के आसपास चंदनझीरा क्षेत्र में झोपड़पट्टीवासियों को पीआर कार्ड सर्वे के उ‌द्घाटन फलक का उ‌द्घाटन किया था। हालांकि इस फलक पर शिवसैनिकों ने अर्जुन खोतकर का नाम न होने पर यह फलक उखाड़ फेंका और इस पर कालिख पोत दी। इससे स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव से पहले ही महायुती में खलबली मच गई है।

झोपड़पट्टीवासियों को पीआर कार्ड मिले इसके लिए विधायक अर्जुन खोतकर ने प्रयास किए हैं, और भाजपा नेताओं ने जल्दबाजी में यह छोटा-मोटा कार्यक्रम आयोजित कर जानबूझकर खोतकर का नाम हटाने का आरोप शिवसेना कार्यकर्ताओं ने लगाया।

झोपड़पट्टी वासियों को पीआर कार्ड सर्वे के उद्घाटन फलक पर विधायक अर्जुन खोतकर का नाम न होने से यह पूरा मामला हुआ है, और इससे जालना में राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना है। इस कार्यक्रम के उद्घाटन नामफलक पर कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहब दानवे, प्रमुख उपस्थित विधायक बबनराव लोणीकर, पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल, विधायक नारायण कुचे, महानगर जिला अध्यक्ष भास्कर दानवे, विधायक संतोष दानवे, पूर्व नगरसेवक अशोकराव पवार, पूर्व नगरसेवक सतीश जाधव आदि के नाम थे लेकिन वर्तमान विधायक अर्जुन खोतकर का नाम हटा दिया गया।

चित्तेकर ने भाजपा पर साधा निशाना

इस मामले में बात करते हुए शिवसैनिक अंबादास कहा, झोपड़पट्टीवासियों को पीआर कार्ड मिले इसके लिए विधायक अर्जुनराव खोतकर पिछले कई वर्षों से प्रयासरत हैं। उनके प्रयासों को सफलता मिल रही है, इसे देखकर भाजपा के सत्ता के भूखे नेताओं ने जल्दबाजी में यह छोटा-मोटा कार्यक्रम आयोजित किया और जानबूझकर नामफलक से वर्तमान विधायक का नाम हटा दिया। इससे क्रुद्ध होकर शिवसैनिकों ने यह कदम उठाया।

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