Raksha Khadse Angry on Officers Jalgaon (फोटो क्रेडिट-X) 
जलगांव

सांसदों की उपेक्षा पर फूटा रक्षा खडसे का गुस्सा, जलगांव DPC बैठक में प्रोटोकॉल उल्लंघन पर दी बड़ी चेतावनी

Raksha Khadse Angry on Officers: जलगांव की बैठक में केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने अधिकारियों को जमकर लताड़ा। सांसदों की अनदेखी पर जताई नाराजगी और लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की चेतावनी दी।

अनिल सिंह

Jalgaon DPC Meeting Controversy: महाराष्ट्र के जलगांव में जिला नियोजन समिति (DPC) की बैठक के दौरान एक अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने भरे सदन में अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विवाद का मुख्य कारण केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और उद्घाघटन कार्यक्रमों में सांसदों की अनदेखी करना था। जलगांव जिले में विधायक और सांसद दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हैं, लेकिन प्रशासन की कार्यप्रणाली ने पार्टी के भीतर के इस असंतोष को सार्वजनिक कर दिया।

बैठक में जलगांव की सांसद स्मिता वाघ, जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही बिजली वितरण कंपनी (महावितरण) के खंभों के स्थानांतरण का विषय आया, रक्षा खडसे ने हस्तक्षेप किया और अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी केवल विधायकों को महत्व दे रहे हैं और सांसदों को दरकिनार किया जा रहा है।

"क्या सांसद उड़ते हुए आए हैं?" - रक्षा खडसे का तीखा प्रहार

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अधिकारियों से पूछा कि जब केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए 60 प्रतिशत निधि दिल्ली से आती है, तो स्थानीय कार्यक्रमों में सांसदों को क्यों नहीं बुलाया जाता? उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "सांसद इन योजनाओं के लिए लगातार फॉलोअप लेते हैं, फिर भी प्रशासन उनकी उपेक्षा करता है। उद्घाटन कार्यक्रमों में आप केवल विधायकों को महत्व देते हैं, तो क्या सांसद उड़कर आए हैं (खासदार उडत गेले का)?" उनके इस बयान के बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा पसर गया।

लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की चेतावनी

मंत्री खडसे यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में तंबी दी कि यदि भविष्य में सांसदों की गरिमा का ध्यान नहीं रखा गया और उन्हें सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा गया, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि वह संबंधित लापरवाह अधिकारियों की सीधे लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत करेंगी। उन्होंने बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों के साथ हुई खड़ाजंगी में यह स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें कड़े परिणामों का सामना करना होगा।

प्रशासनिक अमले में हड़कंप और सुलह की कोशिश

रक्षा खडसे के रौद्र रूप को देखकर बैठक में मौजूद अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। स्थिति को बिगड़ते देख वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। महावितरण के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे भविष्य में जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें और किसी भी सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। इस घटना ने एक बार फिर अधिकारियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है।

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