Mother Eloped With Lover Before Daughter Engagement: महाराष्ट्र के जलगाव जिले के जामनेर शहर से एक ऐसी विचित्र और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की गरिमा और सामाजिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना उस समय की है जब एक परिवार अपनी बेटी के नए जीवन की शुरुआत के लिए सगाई की तैयारियों में जुटा था, लेकिन ऐन मौके पर घर की बड़ी यानी मां ने ही कुछ ऐसा किया कि पूरा परिवार समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचा।
मिली जानकारी के अनुसार, जामनेर के एक परिवार में बेटी की सगाई तय हुई थी और घर में उत्सव का माहौल था। सगाई की रस्मों में अब केवल पांच दिन शेष थे, तभी अचानक लड़की की मां घर से लापता हो गई। परिवार को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जल्द ही जो हकीकत सामने आई उसने सबके पैरों तले जमीन खिसका दी। उस महिला ने अपने प्रेमी के साथ भागकर गुप्त तरीके से शादी रचा ली थी।
यह पूरा विवाह शुरू में पूरी तरह गुप्त रखा गया था, लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब महिला के प्रेमी ने अपनी शादी की तस्वीरें अपने मोबाइल के WhatsApp स्टेटस पर लगा दीं। जैसे ही यह स्टेटस महिला के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों ने देखा, यह खबर आग की तरह फैल गई। जिस घर में खुशियों की शहनाई गूंजनी चाहिए थी, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया और परिवार को भारी मानसिक आघात पहुंचा।
अपनी पत्नी के इस कदम और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुई तस्वीरों के कारण समाज में हो रही बदनामी से परेशान होकर पीड़ित पति सीधा जामनेर पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने पुलिस के सामने अपनी आर्त विनंती करते हुए कहा, साहब, बेटी की सगाई में बस पांच दिन बचे हैं और समाज में हमारी भारी बेइज्जती हो रही है, कृपया उन्हें वह स्टेटस तुरंत हटाने के लिए कहें। पति की इस हृदयद्रावक व्यथा को सुनकर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत महिला के प्रेमी को थाने बुलाया। पुलिस ने उसे कानूनी और सामाजिक स्थिति का हवाला देते हुए कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद प्रेमी ने स्टेटस हटा दिया।
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इस घटना ने न केवल एक शादीशुदा जिंदगी को बर्बाद किया, बल्कि उस बेटी के मासूम सपनों को भी कुचल दिया जो अपनी सगाई के लिए सुनहरे ख्वाब देख रही थी। एक मां, जिसे अपनी संतान के भविष्य की ढाल बनना चाहिए था, वह अपनी ही खुशियों के लिए उस घर को जलता छोड़ गई जिसने उसे सम्मान दिया था।
समाज में हो रही इस 'नाचक्की' के बीच वह पिता आज अकेला खड़ा है, जिसके कंधों पर अब न केवल बेटी की जिम्मेदारी है, बल्कि उस समाज के तीखे सवालों का सामना करने का बोझ भी है, जो अक्सर पीड़ित को ही कटघरे में खड़ा कर देता है। जलगाव में इस अजब प्रेम कहानी और दुखद अंत की चर्चा हर जुबान पर है, जो हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि आधुनिकता की दौड़ में हम संवेदनाओं और मर्यादाओं को पीछे छोड़ते जा रहे हैं।