Anna Hazare Supports Cockroach Janta Party: महाराष्ट्र और देश की राजनीति में इन दिनों पारंपरिक रैलियों से इतर एक नए किस्म का 'डिजिटल पॉलिटिकल वेव' देखने को मिल रहा है। कभी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन (Anti-Corruption Movement) के सिपाही रहे अभिजीत दीपके द्वारा शुरू की गई 'कॉकरोच जनता पार्टी' देश में युवाओं की नई पसंद बनकर उभरी है। देखते ही देखते इस प्रतीकात्मक पार्टी को मिल रहे जनसमर्थन पर जब रालेगण सिद्धि में खुद अन्ना हजारे ने अपनी मुहर लगाई, तो सत्ताधारी महायुति गठबंधन और भाजपा के भीतर भी हलचल तेज हो गई।
अन्ना हजारे ने देश की युवा शक्ति की सराहना करते हुए कहा था, "नाम भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन हमें उस दर्द और विरोध को समझना होगा जिसके कारण युवाओं को यह नाम चुनना पड़ा। युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली ताकत है। जब करोड़ों युवा इस तरह एक साथ आ रहे हैं, तो मौजूदा सरकार को अहंकार छोड़कर उनकी भावनाओं को समझना चाहिए और उनके मुद्दों को हल करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।"
अन्ना हजारे के इस तीखे बयान और सरकार को दी गई नसीहत के बाद जलगांव में मीडिया से बात करते हुए संकटमोचक मंत्री गिरीश महाजन ने बेहद सधा हुआ जवाब दिया। महाजन ने कहा, "अन्ना हजारे हमारे अत्यंत सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं। पिछले कुछ सालों से उनके और हमारे बीच सीधे संवाद की कमी रही है। मैं बहुत जल्द रालेगण सिद्धि जाकर अन्ना हजारे जी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करूंगा और उनके सभी संशयों को दूर करने का प्रयास करूंगा।" हालांकि, जब पत्रकारों ने उनसे लोकायुक्त कानून को लागू करने में हो रही देरी और कॉकरोच पार्टी के डिजिटल उभार पर सीधा सवाल पूछा, तो महाजन ने इस पर कोई भी स्पष्ट जवाब देने से पूरी तरह परहेज किया।
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'कॉकरोच जनता पार्टी' के बहाने अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार की सबसे दुखती रग 'लोकायुक्त अधिनियम' पर भी अपनी उंगली रख दी है। महाराष्ट्र विधानसभा में लोकायुक्त कानून पारित हुए एक लंबा समय बीत चुका है, लेकिन इसके पूर्ण क्रियान्वयन और ज्यूडिशियल पावर को लेकर प्रशासनिक स्तर पर फाइलें दबी हुई हैं। अन्ना हजारे ने तीखे लहजे में पूछा, "क्या इस राज्य में खुद सरकार द्वारा पास किए गए लोकायुक्त कानून को जमीन पर उतरवाने के लिए भी मुझे इस उम्र में फिर से अनशन या विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुनना पड़ेगा?"
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' को मिल रहा 1 करोड़ से अधिक लोगों का समर्थन यह दर्शाता है कि देश का पढ़ा-लिखा युवा वर्ग मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था और बयानों से असंतुष्ट है। मुख्य न्यायाधीश के बयान के विरोध से शुरू हुआ यह डिजिटल आंदोलन अब एक बड़े सामाजिक-राजनैतिक विमर्श का रूप लेता जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंत्री गिरीश महाजन जब अन्ना हजारे से मिलेंगे, तो क्या वे लोकायुक्त को लागू करने का कोई ठोस आश्वासन दे पाएंगे या यह विवाद आगामी चुनावों में सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी करेगा।